ऑपरेशन सिंदूर के समय कहां था तैनात INS विक्रांत, जिससे कांप गया था पाकिस्तान


नई दिल्ली. आईएनएस विक्रांत पर नौसेना जवानों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीवाली मनाई। इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताया है। उन्होंने बताया है कि कैसे ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान आईएनएस विक्रांत के स्ट्राइक ग्रुप ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी थी। अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले के बाद भारत की नौसेना ने अपनी ताकत दिखाई थी।

भारत का पहला स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत को अरब सागर में करवर तट के पास तैनात किया गया था। यह स्ट्राइक ग्रुप पाकिस्तानी नौसेना को कड़ी चेतावनी दे रहा था। इसमें मुख्यतः एक विमानवाहक, 4 विध्वंसक और एक फ्रिगेट शामिल थे। कुल 6 से अधिक युद्धपोत। यह जहाज हवा, सतह और पनडुब्बी से बचाव करते हुए करांची ग्वादन बंदरगाहों तक हमला कर सकते थे।

आईएनएस विक्रांत -नौसेना का गौरव
आईएनएस विक्रांत भारत का गर्व है। यह 45 हजार टन वजन का विशालकाय जहाज है। लम्बाई 262 मीटर और चौड़ाई 59 मीटर है। 40 लड़ाकू विमान ले जा सकता है। जनरल इलेक्ट्रिक की ताकतवर टर्बाइन से 1.10 लाख हॉसपॉवर मिलती है। इसमें मिग-29के विमान और 10केए-31 हेलीकॉप्टर के 2 स्क्वॉड्रन है। स्ट्राइक रेंज 1,500 किमी 64 बराक मिसाइलें हवा में मार कर गिरा सकती हैं ब्रम्ह्ोस मिसाइलें भी लगी है। जिनसे दुश्मन कांपता है। यह ग्रुप का मुख्य जहाज है। जो पूरे समूह को नेतृत्व देता है।
INS चेन्नई: शत्रु संहारक

कोलकाता क्लास का स्टेल्थ विध्वंसक. 2016 से सेवा में. 7,500 टन, लंबाई 535 फीट, चौड़ाई 57 फीट. रफ्तार 56 किमी/घंटा. छह सेंसर, तीन वॉरफेयर सिस्टम. 32 बराक-8, 16 ब्रह्मोस. 76 मिमी तोप, चार AK-630, चार टॉरपीडो ट्यूब, दो RBU-6000. दो हेलिकॉप्टर ले जा सकता है. दुश्मनों का सफाया करने को तैयार.

