टायर से तेल निकालने वाली फैक्ट्री में फटे पाइन से झुलसे 3 श्रमिक की हालत नाजुक, उपचार के लिये सफदरजंग के लिये रैफर
मुरैना. जड़ेरूआ औद्योगिक एरिया स्थित जेएमडी ग्रीन टच फैक्ट्री में शुक्रवार को गैस पाइप लाइन फटने से बड़ा हादसा हो गया। इसमें यूपी के 3 श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गये है। आरोप है कि यह फैक्ट्री प्रबंधन ने घटना को छिपाते हुए धायलों को पहले ग्वालियर और फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेज दिया है। लेकिन स्थानीय प्रशासन को 2 दिन तक खबर नहीं दी। नूराबाद पुलिस को ग्वालियर पुलिस से घटना का पता चला है। कांग्रेस के एक स्थानीय नेता ने झुलसे श्रमिकों का वीडियो भी जारी किया है।
यह घायल हुए श्रमिक JMD ग्रीन टच फैक्ट्री में पुराने टायरों से तेल निकालने का काम होता है। शुक्रवार 16 अक्टूबर को गैस पाइप लाइन फटने से मुरादाबाद यूपी निवासी दुर्गेश 18, गोपी 20, अनुपम 18, गंभीर रूप से 40-70 प्रतिशत तक झुलस गये है। यह आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने बिना स्थानीय पुलिस या प्रशासन को बताये ही बिना घायलों को पहले ग्वालियर के जेएएच अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद निजी अस्पताल से शनिवार 17 अक्टूबर को उन्हें वहां से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिये रेफर कर दिया गया।
ग्वालियर पुलिस से घटना का नूराबाद पुलिस को पता चला
नूराबाद थाना टीआई ने बताया कि जड़ेरूआ स्थित ग्रीन टच फैक्ट्री मेें पाइप लाइन से 3 श्रमिकों के झुलसने की सूचना ग्वालियष्र के कंपू थाने से मिली है। घटना शुक्रवार की है घायलों को शनिवार को दिल्ली के लिये रेफर किया गया है। हमने फैक्ट्री प्रबंधन से उचित उपचार कराने के लिये कहा है। इसके बाद कार्यवाही करेंगे।
फैक्ट्री मालिक ने फोन बंद किया
जेएमडी ग्रीनटच फैक्ट्री के मालिक रामकुमार गर्ग राजस्थान के धौलपुर जिले के रहने वाले हैं। जब उनसे संपर्क करने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर कॉल किया गया, तो पहले उन्होंने फोन नहीं उठाया और बाद में फोन बंद कर लिया।स्थानीय कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के छोटे भाई संजय गुर्जर ने झुलसे मजदूरों का एक वीडियो मीडिया को दिया है। संजय के अनुसार, यह वीडियो उन्होंने फैक्ट्री के ही एक कर्मचारी से प्राप्त किया है। उन्होंने कहा, “मैं घटना से दो दिन पहले भी ग्रामीणों की शिकायत पर फैक्ट्री गया था। ग्रामीणों का आरोप था कि फैक्ट्री के केमिकल से उनकी जमीन खराब हो रही है। अंदर देखा तो सभी मजदूर यूपी के थे और बिना सुरक्षा के काम कर रहे थे। हादसे के बाद मैंने थाना प्रभारी से पूछा तो उन्हें भी जानकारी नहीं थी।”
₹15 हजार महीने पर UP से लाए गए थे मजदूर, सुरक्षा नदारद
फैक्ट्री में काम कर रहे सभी 13 मजदूर यूपी के मुरादाबाद और फर्रुखाबाद जिलों के हैं, जिन्हें एक ठेकेदार रणजीत ₹15 हजार प्रति माह की मजदूरी पर लाया था। आरोप है कि मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा उपकरण (मास्क, बूट, सेफ्टी किट) के जान जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा था।

