Monday, April 27, 2026
Latest:
LatestNewsराज्य

MP में 9 वर्ष से बंद पदोन्नति को फिर प्रारंभ करने के लिए हाई कोर्ट में 2002 के नियम की बात उठी

भोपाल. प्रदेश में 9 वर्ष से बंद पदोन्न्ति को फिर से प्रारंभ करने के लिए हाई कोर्ट जबलपुर में सुनवाई हुई तो 2002 के नियम की बात उठी। पूछा गया कि यदि सुप्रीम कोर्ट से 2002 के नियम को हरी झंडी मिल गई तो क्या उसे ही मानेंगे या फिर नए नियम से पदोन्नति की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब पदोन्ननति नए नियम से ही होगी। इन्हें सुप्रीम कोर्ट के पदोन्नति में आरक्षण संबंधी विभिन्न दिशा-निर्देशों की रोशनी में सभी पक्षों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
दरअसल सरकार 2002 के पदोन्नति नियम से पदोन्नत हुए अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों के पदावनत नहीं करना चाहती है इसलिए सुप्रीम कोर्ट में पुराने नियम की लडाई लड रही है। वहीं सामान्य पिछडा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संस्था का मानना है कि सरकार असमंजस में है इसलिए न्यायालय के समक्ष पुराने और नए नियम की बात कर रही है।
असमंजस में है सरकार
सरकार का तर्क है कि 2002 के नियम स्थगित है। सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए है, जबकि हाई कोर्ट जबलपुर में 2016 में नियम निरस्त कर चुका है। इसी निर्णरू को तो सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा चुनौती दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *