मध्यप्रदेश बनेगा देश का पर्यटन हब – राज्य मंत्री

निवेशक, पर्यटन व्यवसायी, टूर ऑपरेटर्स, होटल इंडस्ट्री के हितधारक होंगे सम्मिलित
ग्वालियर – पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्रभाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में देश का पर्यटन हब बनेगा। यहां पर्यटन क्षेत्र के निवेशकों और हितधारकों के साथ पर्यटकों के लिए हर सुविधा उपलब्ध है। ग्वालियर में रीजनल टूरिस्म कॉन्क्लेव के शुभारंभ अवसर को संबोधित कर रहे थे। मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी पर्यटन राज्य बनाने के लिए सभी ट्रैवल और टूर ऑपरेटर, होटलियर के साथ हितधारकों और विभाग को मिलकर काम करना होगा।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक जड़ें गहरी हैं। प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को टूरिस्ट पूरे विश्व से देखने आते हैं। अगर आप यहां निवेश करते हैं, हमारे पास सबसे बेहतर पॉलिसी है। हम निवेशकों को अच्छा इंसेंटिव दे रहे हैं। यह निवेश ग्वालियर–चंबल और सागर क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रसिद्ध अभिनेता फैसल मलिक ने कहा कि मध्य प्रदेश की खूबसूरत लोकेशन्स फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करती हैं। यहाँ के लोग फिल्म–फ्रेंडली हैं और शासन–प्रशासन का सहयोग सराहनीय है। मध्यप्रदेश की विविधतापूर्ण और खूबसूरत लोकेशन्स फिल्म निर्माताओं को लगातार आकर्षित करती रही हैं। यही कारण है कि मध्यप्रदेश आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बन चुका है।
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड अपर प्रबंध निदेशक, बिदिशा मुखर्जी, ने कहा कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य ग्वालियर की अमूल्य धरोहरों, संगीत और संस्कृति को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना है। इस थीम के ज़रिए ग्वालियर को एक ऐसे पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है, जहां पर्यटक सिर्फ़ इतिहास और स्थापत्य को देखें ही नहीं, बल्कि यहां की धड़कन, रिवाज़, लोककला और परंपराओं को महसूस भी करें। इसका मक़सद है कि पर्यटन से ग्वालियर की पहचान मज़बूत हो, स्थानीय समुदाय को रोज़गार और नए अवसर मिलें, और आने वाली पीढ़ियां भी इस शहर की धरोहर पर गर्व कर सकें।
सांस्कृतिक संध्या में दी रंगारंग प्रस्तुति
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के शुभारंभ अवसर पर महैर बैंड, बुंदेलखंड के नौरता लोकनृत्य और ग्वालियर–चंबल क्षेत्र के लांगुरिया नृत्य की प्रस्तुति दी गई।
विरासतों, धरोहरों और अनुभवात्मक पर्यटन की संभावनाओं पर होगा मंथन
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 2 महत्वपूर्ण सत्र होंगे। “टूरिज़्म ऐज़ अ कल्चरल ब्रिज – ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ़ एमपी” और “ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग – इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्ज़री एंड एक्सपीरियंस” विषय पैनल डिस्कशन होंगे।

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