अमेरिका बनायेगा मिसाइल डिफेंस सिस्टम गोल्डन डोम
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को महत्वाकांशी मिसाइल सिस्टम गोल्डन डोम प्रोजेक्ट का ऐलान कर दिया है। जिसकी अनुमानित लागत 175 बिलियन डॉलर बताई जा रही है। गोल्डन डोम का मुख्य उद्देश्य चीन और रूस जैसे देशों से उत्पन्न होने वाले खतरों से अमेरिका की रक्षा करना बताया जा रहा है। यह डोम इजराइल के आयरन डोम से कई गुना अधिक मजबूत होगा। व्हाइट हाउस से बोलते हुए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुलासा किया है कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिये अंतिम डिजाइन का चयन कर लिया है। अमेरिकी स्पेस फोर्स के जनरल माइकल म्यूटलिन को इस पहल का प्रमुख नियुक्त किया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि हम गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड के बारे में ऐतिहासिक घोषणा कर रहे हैं। रोनाल्ड रीगन (अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति) इसे कई साल पहले बनाना चाहते थे। लेकिन उन के पास तकनीक नहीं थी। लेकिन जल्द अब यह मारे पास होगा। हम इसे उच्चतम स्तर पर रखने जा रहे है। चुनाव प्रचार के दौरान मैंने अमेरिकी लोगों से वादा किया था कि मैं अपने देश को विदेशी मिसाइल हमले के खतरे से बचाने के लिये अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस शील्ड बनाऊंगा और यही हम आज कर रहे हैं।
हवा में मार गिराएगा मिसाइल: ट्रंप
ट्रंप ने जनवरी में एक कार्यकारी आदेश पर साइन किए थे, जिसमें प्रोजेक्ट की शुरुआत थी। ट्रंप ने कहा कि सभी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया जाएगा और इसकी सफलता दर लगभग 100% हैं।
आयरन डोम से प्रेरित है गोल्डन’
गोल्डन डोम से उम्मीद की जाती है कि वह आने वाली मिसाइलों का पता लगाने, ट्रैक करने और संभावित रूप से रोकने के लिए सैकड़ों उपग्रहों पर निर्भर करेगा। ये पूरा सिस्टम इजरायल के आयरन डोम से प्रेरित है, लेकिन ट्रंप की ये बड़ी योजना है। इसमें लॉन्च के तुरंत बाद मिसाइलों को निशाना बनाने के लिए निगरानी सैटेलाइट और इंटरसेप्ट सैटेलाइट दोनों शामिल होंगे।
फंडिंग और निजी साझेदारी से जुड़ी चुनौतियां
डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना की अनुमानित लागत 175 अरब डॉलर है, जिसकी वजह से इस प्रोजेक्ट को लागू करने में कई साल लगेंगे. हालांकि, ट्रंप ने कहा कि वो इस प्रोजेक्ट को जनवरी 2029 तक पूरा करना चाहते हैं।

