हम बांग्लादेश से क्रिकैट मैच खेल रहे उधर बांग्लादेश हमारी मां -बहनों के बलात्कार कर रहे -नीरज दौनेरिया
ग्वालियर. बजरंगदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज दौनेरिया शुक्रवार की देर रात ग्वालियर पहुंचे है। वह 6 अक्टूबर को भारत-बांग्लादेश के बीच होने वाले टी-20 क्रिकेट मैच को लेकर उन्होंने कहा है कि यह मैच इस वक्त नहीं होना चाहिये। बीसीसीआई ने यह मैच गकलत समय पर तय किया है। बांग्लादेश में हिन्दुओं मां बहनों के साथ बलात्कार किया जा रहा है और हम बांग्लादेशियों के साथ क्रिकैच मैच कर इंजॉय कर रहे है।
इस वक्त बांग्लादेश में जिस तरह से र्हिन्दुओं का नरसंहार और बर्बरता हुई है। कितनी हमारी बहनों के साथ बलात्कार किये गये है। हिन्दुओं को वहां पेड़ों और खम्भों से बांधकर मारा गया है। इतनी बर्बरता इतिहास के पन्नों में कभी नहीं सुनी गयी है। जितनी बर्बरता अब बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ हुई है।
हिंदुओं को नहीं करने दे रहे माता की पूजा
ऐसी बर्बरता के बावजूद भी BCCI के द्वारा यह मैच कराया जा रहा है। यह हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का विषय है। करोड़ों हिंदू इससे आहत है। वर्तमान समय पर टीवी चैनल, सोशल मीडिया और समाचार पत्रों पर लोग विभिन्न प्रकारों से अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं। अभी कानपुर में भी जो मैच हुआ है उसमें भी विरोध हुआ है। लोग वहां मैच देखने नहीं गए हैं। लोगों ने बहिष्कार किया है, क्योंकि एक ओर वहां हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है,वहीं यहां उनकी टीम मैच खेल रही है। अभी हाल ही का समाचार है की बांग्लादेश में हिंदुओं को दुर्गा पूजा नहीं करने दी जा रही है। वहां प्रत्येक पंडाल के पास जाकर रंगदारी मांगी है। कट्टरपंथियों ने धमकी दी है कि यहां रहना है तो दुर्गा पूजा नहीं करना है।
बीसीसीआई मैच रद्द करने की अपील
बांग्लादेश के लाखों हिन्दू पीडित और परेशान है। यहां उनके साथ मैच खेलना निंदा का विषय है। इसलिये बीसीसीआई को यह मैच रद्द करना चाहिये । मैं ग्वालियर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिये आया हूं। इसलिये मेरा हिन्दू समाज से आव्हान है कि वह इस मैच का बहिष्कार करें। बजरंगदल भी इसके लिये आन्दोलन करेगा।
बजरंग दल ने तय किया है गरबा पंडाल में पहचान के लिए भी प्रवेश हो
गरबा डांडिया को लेकर उन्होंने कहा, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में लव जिहाद की दृष्टि से मुसलमान बड़े पैमाने पर गरबा में भेष बदलकर, अपने नाम हिन्दू बताकर, कलावा पहनकर प्रवेश करते हैं। बजरंग दल सभी स्थानों पर इसका विरोध करेगा। जब वह मुसलमान है तो उसका गरबा में क्या काम। क्योंकि गरबा हमारी नवरात्रि की साधना है। यह हमारा परंपरागत नृत्य है। अगर उन्हें नित्य देखने आना है तो अपने धर्म से आए उसके बाद आकर बैठे किसने मना किया है। लेकिन वह लव जिहाद की दृष्टि से आते हैं और हिंदू लड़की को अलग-अलग तरीके से फंसाना चाहते हैं। इसलिए बजरंग दल ने यह तय किया है कि ऐसे स्थानों पर ऐसे किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा, और होता है तो उसको रोको-टोको-ठोको के आधार पर पंडाल से बाहर भेजा जाएगा।

