6 महीने में शुरू हो जाएगा मंदिर का काम, जहां रामलला विराजमान हैं वहीं राम मंदिर बनेगा-महंत नृत्यगोपाल दास
ग्वालियर. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण वहीं होगा, जहां रामलला विराजमान हैं यह बात श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र एवं ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रामगोपाल दास ने कही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर का निर्माण चंदे की बजाय लोगों के सहयोग से होगा और ना ही सरकार से धन लिया जाएगा।
महंत रामगोपाल दास शुक्रवार की शाम को अयोध्या से ग्वालियर आए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में जल्दी ही भव्य और दिव्य राम मंदिर का निर्माण होगा। इसके लिए दिल्ली के बाद जल्दी ही एक बैठक अयोध्या में होगी, जिसमें मंदिर निर्माण की तिथि तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर का भूमि पूजन और शिलापूजन तो पहले ही हो चुका है और केवल शिलाएं रखी जानी जानी है।
रामलला विराजमान हैं, वहीं पर मंदिर बनेगा
उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर अयोध्या में रामलला विराजमान हैं. वहीं पर मंदिर बनेगा और यह काम 6 महीने के भीतर शुरु हो जाएगा। मंदिर निर्माण के बारे में उन्होंने बताया कि जो मॉडल पहले अयोध्या में रखा गया है, उसी के अनुसार राम मंदिर का निर्माण होगा, थोड़ा बहुत परिवर्तन हो सकता है। राम मंदिर ट्रस्ट में कई संतों को नहीं लिए जाने के विवाद पर उनका कहना था कि कोई विवाद नहीं है। जल्दी ही अयोध्या में सभी संतों के अखाड़ों के साथ बैठक होगी।
राम मंदिर निर्माण के लिए न तो चंदा लिया जाएगा और न ही सरकार से धन मांगेगे
महंत नृत्य गोपाल दास का कहना था कि राम मंदिर निर्माण के लिए न तो चंदा लिया जाएगा और न ही सरकार से धन मांगेगे। जो भी भगवान के भक्त सहयोग करेंगेए उसी से मंदिर का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए अय़ोध्या में प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ हर उसको आमंत्रित करेंगे, जिसकी धर्म में रूचि होगी। इसमें पूरा देश और नेता शामिल है।
महंत नृत्यगोपाल दास के ग्वालियर आगमन पर ग्वालियर सांसद विवेक शेजवलकर उनका आशीर्वाद लेने गोला का मंदिर स्थित सिद्धेश्वर मंदिर पहुंचे। सांसद शेजवलकर के साथ कनवर मंगलानी], ओमप्रकाश शेखावत, राकेश खुरासिया, मुन्ना पवैया, पवन कुमार सेन, ब्रजमोहन शर्मा और मनोज राजपूत ने भी महंत से आशीर्वाद लिया।

