नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे 6 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार

ग्वालियर. नगर निगम में तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (एई) सुशील कटारे को लोकायुक्त पुलिस ने गुरूवार की दोपहर लगभग 11.30 बजे फरियादी सचिन पचौरी 6 हजार रूपये की दूसरी किश्त दी तो लोकायुक्त टीम ने तत्काल रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। अहम बात यह है कि उनकी सेवानिवृत्ति में महज एक दिन बाकी था। लेकिन उससे पहले ही लोकायुक्त की गिरफ्त में आ गये। कार्यवाही के बाद नगरनिगम कार्यालय में सनसनी फैल गयी।
नगर निगम के ठेकेदार सचिन पचौरी ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी उनकी 2 फाईल जनकार्य के तहत 2 सड़कें बनाई थी। उनका 36 लाख रूपये भुगतान करने के लिये फाईलें बढ़ाने के लिये कहा था जिसका 1 प्रतिशत के हिसाब से 36 हजार रूपये का सचिन को देने थे। जिसकी एक किश्त 29 जुलाई को 30 हजार रूपये सौंप दिये जिसकी दूसरी 6 हजार रूपये सिटीेसेंटर स्थित निगम कार्यालय मे ंदेने पहुंचे थे जैसे 6 हजार रूपये कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे के हाथ में दिये वैसे ही लोकायुक्त टीम ने लपक कर दोनों हाथ पकड़ लिये और उन दोनों का हाथों रंगवाया तो पानी का रंग लाल हो गया। आपको बता दें कि सचिन पचौरी के पिता भी प्रेम पचौरी थी नगरनिगम में कार्यपालन यंत्री के पद से सेवानिवृत्त है।
सही शिकायत मिलने पर ट्रैप किया-एसपी
ग्वालियर लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा ने बताया है कि नगरनिगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सहीं पाये जाने पर ट्रेप की कार्यवाही की गयी है। जिसमें आरोपी को 6 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
ट्रैप को अंजाम देने वाली लोकायुक्त टीम
नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे को रंगे हाथों गिरफ्तार कर कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम लीडर डीएसपी विनोद कुशवाह, इंस्पेक्टर अंजलि शर्मा, विवेचक बलराम राजावत, हेड कान्स्टेबल जसवंत शर्मा, आरक्षक मनोज कुशवाह, सुरेन्द्र सेमिल, रवि सिंह, आरिफ खान, विनोद शाक्य चालक बलवीर और विशम्बर भदौरिया आदि शामिल थे।

