गुना के जंगलों में मिली तेंदुए की लाश, तेंदुआ के चारों पैर-सिर धड़ से गायब
गुना. भदौरा इलाके में तेंदुए की लाश मिलने का मामला सामने आया है। उसके पैर और सिर कटे हुए थे। इससे आशंका जताई जा रही है। उसक नाखून और दांतों की तस्करी के लिये उसका शिकार किया गया है। गुना उत्तर वन परिक्षेत्र की भादौरा सब रेंज के तहत आगरा-हंसली के जंगलों में गुरूवार को एक तेंदूए का कटा-फटा शव मिलने से हड़कम्प मच गया। ग्रामीणों ने जंगल में तेंदुए का शव पड़ा हुआ मिला। उन्होंने वन विभाग को इसकी खबर दी गयी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तेंदुए का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा मिला। उसके चारों पैर गायब थे। वहीं सिर भी नहीं था। केवल धड़ वहां पर पड़ा हुआ था। धड़ की खाल भी नहीं थी। टीम ने उसे पोस्टमार्टम के लिये भिजवाया है।
ऐसी स्थिति में शव मिलने से आशंका जताई जा रही है कि उसका शिकार किया गया है। पैर के नाखूनों और दांतों की तस्करी के लिए इसे मारा गया है। यह भी आशंका है कि कहीं को तस्करी करने वाले शिकारी तो सक्रिय नहीं हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये साफ-साफ शिकार का मामला है। तेंदुए के नाखून, खाल और शरीर के अन्य अंगों की तस्करी के लिए शिकारियों ने बेरहमी से शव को काटा है। हालांकि, ये भी सवाल उठ रहा है कि सवाल ये है कि गश्त करने वाले वनकर्मियों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।
ग्रामीण मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वन विभाग को इन सवालों के जवाब तलाशने चाहिए कि भादौरा रेंज में रात की गश्त कौन कर रहा था, बीट गार्ड कहां थे। तेंदुए का सिर और 4 पैर किसने काटे। शव को ठिकाने लगाने की कोशिश किसने की।बता दें कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत तेंदुए का शिकार करना गैर-जमानती अपराध है। इसमें 7 साल तक जेल और 50 हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के संज्ञान में मामला आया, तो उन्होंने वन विभाग की टीम को घटनास्थल पहुंचने के निर्देश दिए। वन विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।

