5वीं जेनरेशन स्टील्थ फायटर जेट, दुनिया के सिर्फ 3 ही देशों में है, भारत 2 वैरिएंट्स पर काम करने की तैयारी

नई दिल्ली. दुनिया में सिर्फ 3 देशों में अमेरिका, रूस और चीन के पास 5वीं पीढ़ी (फिफ्थ जनरेशन) के स्टील्थ फायटर जेट हैं। भारत भी इस खास क्लब में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। भारत का एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट 2 वैरिएंट्स-मार्क1, मार्क 2 के साथ शुरू किया गया है।
5वीं पीढ़ी का क्या है फायटर जेट
5वीं पीढ़ी के फायटर जेट सबसे आधुनिक और शक्तिशाली विमान है। इनकी खासियत है।
स्टील्थ तकनीक: ये दुश्मन के रडार से बच सकते हैं, क्योंकि इनका डिज़ाइन और सामग्री रडार सिग्नल को कम करती है.
सुपरक्रूज़: ये बिना आफ्टरबर्नर के बहुत तेज़ उड़ सकते हैं.
एडवांस्ड सेंसर: इनमें शक्तिशाली सेंसर और कंप्यूटर सिस्टम होते हैं, जो युद्ध में पूरी जानकारी देते हैं.
इंटरनल वेपन्स बे: हथियार विमान के अंदर छिपे रहते हैं, जिससे रडार में पकड़ में आने का खतरा कम होता है.
मल्टी-रोल मिशन: ये हवा में लड़ाई, ज़मीनी हमले और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसे कई काम कर सकते हैं.
भारत का एएमसीका प्रोजेक्ट
भारत का एएससीए एक 25 टन का 2 इंजन वाला स्टील्थ फायटर जेट है। जिसे एयरोनॉटिकल डवलपमेंट एजेंसी (ADA) और हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) मिलकर बना रहे हैं। यह भारनतीय वायुसेना और नौसेना के लिये होगा। इसकी लागत लगभग 15 हजार करोड़ रूपये है। इसे 2035 तक तैयार करने का लक्ष्य है।
मार्क 1 और 2 में क्या है अंतर
एएमसीए मार्क 1 – यह पहला वैरिएंट होगा जो अमेरिका के GE-F 414 इंजन (98 न्यूटन थ्रस्ट) से चलेगा। यह पूरी तरह से 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ जेट होगा। जिसमें इंटरनल वेपन्स बे, एडवांस्ड सेंसर और स्टील्थ तकनीक होगी। इसका प्रोटोटाइप 2028 तक तैयार हो सकेगा।
एएमसीए मार्क 2 यह अधिक उन्नत होगा। इसमें 110 किलो न्यूटन थ्रस्ट वाला स्वदेशी इंजन होगा। जिसे भारत की विदेशी कंपनियों जैसे जीई, सैफ्रान या रॉल्स-रॉयस के साथ मिलकर बनायेगा। इसमें 6वीं पीढ़ी की कुछ तकनीकें भी होगी। जैसे ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स।

