ग्वालियर में एलिवेटेड रोड के लिए टूटेंगे 289 मकान-दुकान, मिलेगा मुआवजा
ग्वालियर. शहर में स्वर्णरेखा एलिवेटेड रोड परियोजना के दूसरे चरण में अब तेजी से काम दिखाई देने लगा है। सबसे बडी बाधा बने बिजली के खंभों को हटाने का काम शुरू हो चुका है, ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों की शिफ्टििंग भी अंतिम दौर में है। प्रशासन का दावा है कि भू-अर्जन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है जिसके बाद अब अतिक्रमण हटाने की बडी कार्रवाई शुरू की जाएगी। करीब 926.21 करोड रुपए की लागत की यह प्रदेश की पहली एलिवेटेड रोड है। इसका निर्माण कार्य 26 जून 2024 से शुरू हुआ था और इसे नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना का जिम्मा पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को सौंपा गया है। शहरवासियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि वर्षों से ट्रैफिक दबाव झेल रहे इस मार्ग पर आखिर कब एलिवेटेड रोड का सपना हकीकत में बदलेगा।
लाल निशान के बाद हलचल बढी
सात भाई की गोठ, टापू वाले मोहल्ले, रतन कॉलोनी के पीछे, नई सडक, कमानी पुल और जीवाजीगंज क्षेत्र में नए बिजली खंभे लगाने और ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने का काम तेजी स ेचल रहा है। वहीं जिन मकानों और दुकानों पर परियोजना का असर पडना है वहां सीमांकन कर लाल निशान लगाए जा चुके है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है।
289 कब्जे हटेंगे
भू-अर्जन शाखा के परियोजना की जद में आने अनुसार। वाले 289 कब्जे हटेंगे। इसके लिए लगभग 63 करोड़ मुआवजा निर्धारित किया है। 1.7 हेक्टेयर तेजी, 24 हेक्टेयर सरकारी भूमि के निजी मामलों का निराकरण अंतिम चरण में है।
अतिक्रमण बड़ी चुनौती
गिरवाई पुलिस चौकी से फूलबाग तक करीब 7.42 किलोमीटर लंबे हिस्से में जगह-जगह अतिक्रमण है। कई स्थानों पर जलभराव की समस्या भी निर्माण कार्य में बाधा बन रही है। हालांकि प्रशासन का मानना है कि भू-अर्जन प्रक्रिया पूरी होते ही इन चुनौतियों को दूर किया जाएगा। अधिकांश गांवों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। केवल 4 का कार्य शेष है। इसके पूरा होते ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। भू-अर्जन कार्य अंतिम चरण में है।– अतुल सिंह, प्रभारी भू-अर्जन शाखा
शहर को मिलेंगे नए एंट्री-एग्जिट पॉइंट
शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए इस एलिवेटेड रोड में 14 लूप (एंट्री-एग्जिट पॉइंट) बनाए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों से वाहन सीधे इस कॉरिडोर पर चढ़ सकेंगे।

