ट्रिपल मर्डर का खुलासा-मास्टरमाइंड भतीजा ही निकला हत्यारा, उसके बाद 2 आरोपी गोहद-भितरबार दविश देकर उठाया, 100 प्रतिशत माल की हुई बरामदगी
ग्वालियर. मुरार के अल्पना टॉकीज के किये ट्रिपल मर्डर का खुलासा कर दिया गया है इसमें मृतक के घर के सामने साडू का निवास है वहीं पर भतीजे का आना जाना था भजीजे का नशेड़ी बताया गया है। संभवतः घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात 2.30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस की लगी 10 टीमों ने मास्टरमाइंड को दबोच लिया है इसके साथ गोहद और भितरवार में दविश दे कर संदेही 2 आरोपियों को और पकड़ा है। इसमें लूटे गये माल की 100 प्रतिशत बरामदगी हो गयी है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी जब घटना को अंजाम दे रहे थे उस वक्त महिला की आंख खुल गयी तो आरोपियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस को शक न हो कि घटना लूट की इसलिये मृतक द्वारा पहनी ज्वेलरी को नहीं लूटा गया।
क्या है पूरा मामला
रविवार -सोमवार की दरमियानी रात 2.30 बजे 3 आरोपियों ने चोरी के इरादे से घर में घुसे थे जब आरोपी घटना को अंजाम दे रहे थे उस वक्त महिला सरोज पाल की नींद खुल गयी तो आरोपियों और मृतक सरोज पाल के बीच झूमाझटकी हुई तो आरोपियों घातक हथियार से उस पर हमला किया तो उसकी मौत हो गयी। पुलिस को शक न हो कि घटना लूट के लिये गयी सरोज पाल द्वारा पहनी ज्वेलरी को छोड़ दिया गया। इससे पहले पुलिस गुमराह हुई थी लेकिन बाद में मामला क्लीयर होने पर एसपी अमित सांघी पुलिस जवानों की 10 टीमें पता करना के लिये लगा दी गयी इससे समय से पहले मामला खुल गया और 100 प्रतिशत लूटे गये माल की बरामदगी हो गयी हो । मृतक के साडू के घर मास्टरमाइंड सचिन पाल का आना -जाना था और इसको पूरे रूपये और ज्वेलरी की जानकारी थी इसके साथ दो आरोपी मोनू और तरूणे उर्फ घोड़ा भी साथ ऐसा बताया गया है। लेकिन बाद में एसपी अमित सांघी ने साफ कर दिया गया है तीसरे आरोपी को फंसाने के लिये कहा गया था लेकिन ऐसा हैं नहीं। एसपी अमित सांघी ठाठीपुर स्थित एएसपी राजेश दण्डोतिया के कार्यालय में आरोपियों से पूछताछ करते हुए जानकारी दी हैं।
यह है पूरा घटनाक्रम
उपनगर मुरार के अल्पना टॉकीज के पास सोमवार दोपहर 11 बजे जगदीश पाल (60) उसकी पत्नी सरोज पाल (55) व बेटी कीर्ति पाल (11) के शव पड़े मिले थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे तो पता लगा कि जगदीश और उसकी बेटी की हत्या गला घोंटकर और सरोज के पेट पर चाकू से दो बार किए गए थे। घटना के बाद घर में बक्सों के कुंदे तोड़कर डायरी और अन्य पेपर उठाकर ले जाए गए हैं। यहां पुलिस को पहले लूट का मामला लगा था, लेकिन जब सरोज को गले में और कान में सोने के सामान पहने देखा तो साफ हो गया था कि हत्या की वजह लूट या चोरी नहीं थी। हत्या का कारण प्रॉपर्टी है। पर कुछ देर बाद पुलिस को यह भी पता लगा कि जिसे पुलिस मृतक की बेटी समझ रही थी वह उसके साले की राजेन्द्र उर्फ राजू पाल की बेटी थी। जिसे उसने गोद लिया था। राजू लाल टिपारा पर मकान में रहता है। जगदीश का यह मकान बीच बाजार में था। यहां वह ब्याज का धंधा करता था। वही ब्याज के धंधे के पन्ने भी घर से गायब है। इस सनसनीखेज तिहरा हत्याकांड को सुलझाने के लिए पुलिस कप्तान अमित सांघी ने क्राइम ब्रांच, मुरार, गोला का मंदिर, थाना व साइबर टीम को मिलाकर कुल 10 टीम बना दी हैं। जो इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

