24 घंटे में ही ठंडे पड़ गए मुन्ना लाल के तेवर, सिंधिया से मिलने पहुंचे
ग्वालियर. भाजपा की पांचवी सूची में ग्वालियर पूर्व से टिकट कटने पर बीज विकास निगम के अध्यक्ष और सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हुए मुन्नालाल गोयल के विरोध स्वर 24 घंटे में ढीले पड़ गए। सोमवार को पूर्व घोषित कार्यकर्ता सम्मेलन से पहले मुन्ना लाल शाम को मांढ़रे की माता मैदान में सिंधिया से मिलने पहुंचे और नत मस्तक हो गए। इससे पहले एक लिखित बयान में मुन्ना लाल ने कहा, पहले विधायकी कुर्बान कर दी थी। अगर विश्वास लेकर कोई फैसला करते तो टिकट क्या था। मैं भाजपा छोड़कर कहीं नहीं जा रहा हूं। पार्टी जो काम देगी उसे पूरी तन्मयता से करूंगा।
षड़यंत्र की पुनरावृत्ति हुई
षड़यंत्र की पुनरावृत्ति हुई मुन्ना लाल ने कहा कि महापौर चुनाव में जो षड़यंत्र हुआ, उसकी पुनरावृत्ति हुई हैं। जब भाजपा सरकार बनाने के लिये एक-एक सीट का संघर्ष कर रही है तब ग्वालियर पूर्व की सीट का अप्रत्याशित निर्णय कार्यकर्ताओं को गंवारा नहीं। इसलिए गांधीवादी तरीके से पार्टी नेतृत्व तक अपनी बात पहुंचाई है। मुन्ना ने सिंधिया को अपना नेता बताते हुये भाजपा नहीं छोड़ने की बात भी कही। बैठक में भाजपा का मूल कार्यकर्ता नहीं आया।

