24 घंटे के अन्दर हत्या का खुलासा, हत्यारा फैक्ट्री का पूर्व कर्मचारी निकला, लूट के मकसद से घुसा था फैक्ट्री में

ग्वालियर. पुलिस ने महज 24 घंटे के अन्दर चौकीदार की हत्या का खुलासा कर दिया है। हत्या करने वालों में से एक 6 माह पहले कंपनी में कर्मचारी था। उसके सामने अक्सर कैश आता जाता रहता था। वह लूट के मकसद से ही फैक्ट्री में दाखिल हुआ था। कोई पहचान न ले इसलिये नकाब पहने थे, लेकिन चौकीदार उनसे भिड़ गया। इस बीच एक आरोपी का नकाब उतर गया और इसके बाद उन्होंने चौकीदार की हत्या कर दी। पहले सिर पर हथौड़ी से हमला किया। जब खून अधिक बहने लगा तो उन्होंने कटर से गले पर हमला कर काम खत्म कर दिया। दोनों हत्या के आरोपी मनोज जाटव और संदीप जाटव निवासी गुढ़ा की पहचान पुलिस ने पास ही एक जगह लगे सीसीटीव कैमरे के फुटेज से की है। उसको गिरफ्तार करने के बाद लूटा गया मोबाइल, लैपटॉप व CCTV कैमरे का डीवीर बरामद कर लिया है।
यह है पूरा मामला
गिरवाई के 12बीघा स्थित जैनसन सबमर्सिबल पंप फैक्ट्री है। यहां सबमर्सिबल पंप बनाने का काम होता है। फैक्ट्री के संचालक अभिनंदन जैन हैं। उनके यहां बीते 6 साल से भिंड मौ निवासी 58 वर्षीय माणिकचंद जैन चौकीदारी करता था। सोमवार की दोपहर 12 बजे के लगभग जब कर्मचारी फैक्ट्री में काम करने पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी कोशिश करने के बाद भी चौकीदार ने गेट नहीं खोला। अंदर से कोई आवाज भी नहीं आ रही थी। फैक्ट्री के एक हिस्से की दीवार छोटी है। ऐसे में सुपरवाइजर ने दीवार के ऊपर से चढ़कर अंदर जाकर देखा तो गार्ड रूम का दरवाजा खुला था और माणिकचंद लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा था। सुपरवाइजर ने तत्काल फैक्ट्री संचालक और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को निगरानी में लिया और जांच शुरू की। खुद SP ग्वालियर स्पॉट पर पहुंचे थे। स्पॉट से कुछ धारदार हथियार बरामद किए गए थे। शुरुआती पड़ताल में पुलिस को फैक्ट्री के कुछ ताले भी टूटे मिले थे। हत्या का तरीका और वहां बिखरा पड़ा सामान गवाही दे रहा था कि वारदात चोरी या लूट के लिए आए बदमाशों ने की है, पर फैक्ट्री में लगे CCTV कैमरे की DVR भी चोरी कर ले गए हैं।
फैक्ट्री के रजिस्टर पर मिले जूते का निशान ने खोला हत्या का रहस्य
हत्या के मामले में SP अमित सांघी के निर्देश पर ASP शहर सत्येन्द्रसिंह तोमर, CSP लश्कर आत्माराम शर्मा व थाना प्रभारी गिरवाई रघुवीर मीणा ने तलाश शुरू की। कंपनी के रजिस्टर चेक किये गये और उन कर्मचारियों की सूची तैयार की गयी। जिनको हाल ही में निकाला गया था या वह शहर छोड़कर गये थे। इसके बाद फैक्ट्री के रास्ते पर एक बिल्डिंग में पुलिस अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरे लगे हुए दिखे। पुलिस ने कैमरे तलाशे तो एक फुटेज हाथ लगी है। जिसमें 2 युवक फैक्ट्री की ओर जाते हुए दिखाई दिये। इनमें एक की पहचान मनोज उर्फ मुकेश जाटव निवासी गुढ़ा के रूप में की गयी। इसके बाद पता लगा कि यह इसी फैक्ट्री में 6 माह पूर्व तक काम करता था। अब पुलिस का शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने पहले मनोज जाटव को उठाया उसने पूछताछ में अपने साथ संदीप जाटव के साथ हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने संदीप को भी गिरफ्तार कर लिया।
बदमाश बोला उसने मुझे पहचान लिया था
– अफसरों के सामने मनोज उर्फ मुकेश जाटव ने पूरी कहानी सुनाई है कि 6 महीने पहले तक वह यहां काम करता था। एक विवाद के चलते उसे वहां से हटा दिया गया। उसने कई बार कंपनी के दफ्तर में कैश आते और दराज में मालिक को रखते देखा था। उसे उम्मीद थी कि यहां काफी माल मिलेगा। वह अपने साथी संदीप के साथ वारदात कर रहा था कि तभी चौकीदार माणिकचन्द्र जैन की नींद खुल गई। जिस पर वह भागने लगे, लेकिन चौकीदार ने एक को पकड़ लिया और चेहरे से नकाब हटा दिया। जब उसने पहचान लिया तो उसकी हत्या करनी पड़ी। पुलिस ने फैक्ट्री से लूटा गया लैपटॉप, डीवीआर और चौकीदार का मोबाइल बरामद कर लिया है।

