एक देश एक चुनाव साल 2029 से ही लागू होगा
नई दिल्ली-एक देश-एक चुनाव को लेकर अब मोदी सरकार और इंतजार करने के मूड में नहीं दिख रही। पहले खबर आई थी कि सरकार ने एक देश एक चुनाव के लिए 2034 की डेडलाइन सेट कर रखी है पर अब खबर यह आ रही है कि डेडलाइन घटाकर 2029 कर दी है और इसके लिए कवायद भी तेज हो गई है। इसके लिए जो संसद की संयुक्त समिति बनाई गई है उसने भी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सलाह-मशविरा करना शुरू कर दिया है।
यदि एक देश-एक चुनाव व्यवस्था साल 2029 में ही लागू हो जाती है तो पूरे देश में एक नए अंदाज में चुनाव देखने को मिलेगा। लोग अपने-अपने राज्यों के लिए भी सरकार चुनेंगे और देश को कौन चलाएगा? इसका फैसला भी कर देंगे। साल 2029 में ही देश में आम चुनाव होने वाले हैं। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो देश में सभी राज्यों की सरकारों को एक साथ भंग कर दिया जाएगा।
आज की जो स्थिति है उसके मुताबिक देश के 22 राज्यों में एनडीए की सरकार है। इनमें से अगले दो सालों में ग्यारह राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चार राज्य ऐसे हैं जिनमें लोकसभा चुनाव के साथ ही चुनाव हो सकते हैं। यह राज्य हैं आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और ओडिशा।
संसद की संयुक्त समिति भी इस दिशा में तेजी से काम कर रही है और दो साल से इस काम में जुटी हुई है। कहा जा रहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र में समिति अपनी रिपोर्ट जमा कर सकती है। संसद का शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू होता है और क्रिसमस से पहले खत्म हो जाता है।
एक देश-एक चुनाव के लिए उन राज्यों की सरकारें तैयार हैं जहां-जहां बीजेपी या एनडीए की सरकारें हैं। इन राज्यों के मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं उन्हें एक देश-एक चुनाव वाली व्यवस्था से कोई आपत्ति नहीं है। गोवा से लेकर हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री इसमें हामी भर चुके हैं पर दिक्कत वहां पर आएगी जहां एनडीए या बीजेपी की सरकार नहीं है।

