भोजशाला में वाग्देवी के दर्शन और पूजा अर्चना के साथ-साथ दोपहर में होगी महाआरती, धार में 2 हजार पुलिसकर्मी है तैनात, मुस्लिम पक्ष में सुप्रीम कोर्ट
धार. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इन्दौर बें द्वारा पिछली 15 मई को भोजशाला को मंदिर घोषित किये जाने के बाद पहला शुक्रवार है। यहां भोज उत्सव समिति ने विशेष प्रतिमा स्थापित की है। जिसके दर्शन और पूजा-अर्चना के लिये लोग सुबह से ही पहुंच रहे हैं। समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा है कि हिन्दू समाज शुक्रवार की दोपहर में 1-3 बजे तक हवन-पूजन और महाआरती करने वाला है। हम शोभायात्रा भी निकालने वाले थे। जिसे किसी वजह से रद्द कर दिया है।

इधर, हाईकोर्ट के फैसले से निराश मुस्लिम पक्ष गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। आदेश का एकतरफ बताते हुए काजी मोइनद्दीन ने गुरूवार की रात लगभग 8.30 बजे विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की है। सदर अब्दुल समद ने बताया है कि कमाल मौला मस्जिद में 700 सालों से जुमे की नमाज अदा होती रही है।इस परंपरा को प्रभावित किये जाने से समाज में दुःख है। लेकिन लड़ाई पूरी संवैधानिक और कानूनी दायरे में ही लड़ी जायेगी। शहरकाजी वकार सादिक ने कहा है कि मुस्लिम समाज न्यायपालिका का सम्मान करता है। अब सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद है। इससे पहले मुस्लिम पक्ष ने भी भोजशाला में नमाज अदा करने की घोषणा की थी। जिसे देर शाम को टाल दिया गया।
शहरकाजी ने कहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट से राहत और स्टेमिलेगा। तब मुस्लिम समाज सम्मान के साथ पहले की तरह नमाज अदा करेगा। उन्होंने प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील करते हुए कहा है कि सभी समुदाय शांति और सौहार्द बनाये रखे। शहर हमारा अपना है। इसलिये अमन और भाई चारे को बनाये रखना सभी का दायित्व है।

