नवीन प्रधान आरक्षकों के प्रशिक्षण लिये दो दिवसीय कार्यशाला
ग्वालियर। मनीष शर्मा के साथ 150 प्रधान आरक्षकगण उपस्थित रहे। उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण सामग्री का भी वितरण किया गया।
प्रशिक्षण कार्याशाला के प्रारंभ में सीएसपी महाराजपुरा द्वारा प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित सभी नवीन प्रधान आरक्षकों को थानेमें प्रधान आरक्षक द्वारा संपादित किये जाने वाले संपूर्ण कार्यो के संबंधमें जानकारी दी साथ ही उनको बताया कि प्रधान आरक्षक पुलिस प्रणाली का एक महत्वपूर्ण अंग है थानों की कार्यप्रणाली में प्रधान आरक्षकों का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है।
कार्यशाला में एसपी अमित सांघी द्वारा सभी प्रधान आरक्षकों संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस संरचना में प्रधान आरक्षक सिर्फ एक पद नही अपितु अपराध विवेचना, निकाल एवं उसके रोकथाम में बहुत ही महत्वपूर्ण रोल अदा करता है थाने की जिम्मेदारी थाना प्रभारी के बाद एक प्रधान आरक्षक की ही होती है क्योंकि थानों में शिकायत लेकर आने वाला फरियादी सर्वप्रथम थानों में कार्यरत प्रधान आरक्षक के सम्मुख ही अपनी समस्या रखता है ऐसे वक्त पर आपकी यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि थाने में आने वाले पीडि़त व्यक्ति से शिष्टतापूर्ण व्यवहार करें साथ ही उसकी शिकायत को शांति के साथ सुनकर उससे थाना प्रभारी को अवगत करायें।
थाने में कार्य करते समय शिकायत जांच व विवेचना के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अपने कार्य को सर्तकता और समझदारी के साथ करें क्योंकि आपकी एक गलती अपराधी को सजा दिलाने में बाधक हो सकती है इसलिये शिकायत जांच व विवेचना संबंधी कार्य को पूर्ण निष्ठा व जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होने यह भी कहा कि वर्तमान समय में एफआईआर एवं विवेचना संबंधी सभी कार्य कम्प्यूटर के माध्यम संपदित किये जा रहे ऐसे में जो विवेचक कम्प्यूटर संबंधी ज्ञान नहीं रखते उन्हे विशेष सर्तक रहने की आवश्यकता है कम्प्यूटर से विवेचना संबंधी कार्य करने के उपरांत उसका सूक्ष्मता से अवलोकन करने के पश्चात ही उक्त दस्तावेजों को केस डायरी में सम्मिलित करें, क्योंकि विवेचना कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाये जाने पर उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विवेचक की ही होती है।
प्रशिक्षणार्थीयों संबोधित करते हुए एएसपी शहर मध्य पंकज पाण्डे ने कहा कि कानून व्यवस्था, यातायात व चैकिंग ड्यिूटी के दौरान आपको अपने गणवेश के साथ साथ आचरण को भी अच्छा रखने की आवश्यकता है इस प्रकार हम जनता के बीच पुलिस विभाग की छवि को अधिक अच्छा एवं उत्कृष्ट बना सकते है। उन्होने उपस्थित प्रशिक्षणार्थीयों कों को थानों में प्रधान आरक्षक द्वारा किये जाने वाले कार्यो व विवेचना संबंधी कार्य जैसे एफआईआर काटना, जप्ती पंचनामा तैयार करना, मैमो आदि तैयार करने की जानकारी दी साथ हीकहा कि अपराध विवेचना करते समय आपको ध्यान रखना होगा कि गंभीर, चिन्हित व महिला संबंधी अपराधों में अधिक संवेदनशीलता की आवश्यकता है।विवेचना के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी उत्पन्न होने पर आप अपने वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करने के उपरांत ही अग्रिम कार्यवाही करें।

