12 संदिग्ध बांग्लादेशी ग्वालियर से भागे जिनका आज नहीं चला पता, बोरिया बिस्तर लेकर हो गये फरार, बीलपुरा गांव में था डेरा

ग्वालियर. मुरैना की सीमा स्थित पुरानी छावनी इलाके के बीलपुरा गांव में वर्षो से रह रहे 12 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक अचानक रातों-रात गायब होगये। इनके गांव में रहने की खबर मिलने पर पुलिस ने पहले मौके पर पहुंचकर पूछताछ की थी। इन्हें निगरानी में रखा गया था। पुलिस ने इनके दस्तावेज जब्त कर जांच एजेंसियों को भेजे थे। लेकिन रिपोर्ट आने पूर्व ही यह सभी अपने परिवारों समेत लापता होगये। इन्हें पनाह देने वाला अवरार खान भी फरार बताया जा रहा है। बांग्लादेशियों के गायब होने की सूचना पर जब पुलिस दोबारा बीलपुरा गांव पहुंची तो पता चला है कि वह पूछताछ के बाद लगभग डेढ़ से 2 माह पहले ही परिवार समेत गांव छोड़कर भाग चुके थे। यह सभी संदिग्ध बांग्लादेशी पुरानी छावनी इलाके में रायरू डिस्टलरी के आसपास कचरा बीनने या अन्य मजदूरी का काम करते थे। ऑपरेशन सिंदूर के तहत पुलिस द्वारा पश्चिम बंगाल और बिहार सेआय संदिग्ध लोगों का सर्वे किये जाने के बीच 94 लोगों को चिन्हित किया था।जिनमें यह 12 फरार बांग्लादेशी भी शामिल थे।
यह 8 बांग्लादेशी पकड़े गए थे
मोहम्मद शरीफ (40) पिता मोहम्मद
सीलिमा (25) पति मोहम्मद शरीफ
रफीक (14) पिता मोहम्मद शरीफ
चुमकी पिता मोहम्मद शरीफ
अदोरी (8)
आशिक (15), मोहम्मद शरीफ का भांजा
रातुल शेख (23) पिता शादाक
उजा (2) पिता रातुल
जांच के दौरान इनके दस्तावेज संदिग्ध पाये गये थे। फरार होने के बाद जब पुलिस ने इनकी लोकेशन ट्रेस की तो आखिरी लोकेशन चेन्नई और कोलकाता में मिली। आपको बता दें कि 11 अक्टूबर 2025 को महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन के के पास वर्षो से निवास कर रहे 8 बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने के बाद ही इन 12 संदिग्ध बांग्लादेशियों का मामला सामने आया यह सभी बांग्लादेशी ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगभग 3 महीने पहले सर्वे शुरू हुआ था। इसी सर्वे के दौरान बंगाल, बिहार, झांरखंड से आये लोगों की सूची तैयार हुई थी। इसमें ग्वालियर के 94, लोग संदिग्ध चिन्हित किये थे। लेकिन इस सूची केअलावा भी 12 लोग चिन्हित हुए थे। जो पश्चिम बंगाल के रास्ते ग्वालियर की पुरानी छावनी स्थित बीलपुरा गांव में रह रहे थे।

