जन-विश्वास शिविरों में मौके पर बनेंगे दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्वास्थ्य, आयुष्मान और ई-केवाईसी सेवाएं भी मिलेंगी
ग्वालियर शुक्रवार 7 अगस्त को घाटीगांव विकासखंड में आयोजित होगा। कलेक्टर रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में शिविर की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर के आयोजन से पहले सभी विभागों के खण्ड स्तरीय अधिकारी गाँव-गाँव जाकर सरकार की मंशा के अनुरूप लोगों को शिविर के बारे में जानकारी दें। साथ ही समस्यायें चिन्हित कर उनके निराकरण की रूपरेखा तैयार करें। बैठक में बताया गया कि इस अभियान को प्रभावी ढंग से मूर्तरूप देने के लिये हर गांव में विभिन्न विभागों के ग्राम स्तरीय शासकीय सेवकों को शामिल कर “ग्राम जन-विश्वास दल” गठित किया जायेगा।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 7 अगस्त से 8 जनवरी 2027 तक हर शुक्रवार को “मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत शिविर लगाए जाने हैं। उन्होंने कहा शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरता से गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें। प्राप्त सभी आवेदनों को सीएम हैल्पलाइन पोर्टल पर अपलोड कर नियमित मॉनीटरिंग की जायेगी। कलेक्टर ने कहा कि सीएम हैल्पलाइन व जन-सुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निराकरण शिविर से पहले किया जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, अपर कलेक्टर सीबी प्रसाद व अनिल बनवारिया सहित जिले के एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाने के लिये बैठेगा मेडीकल बोर्ड
स्वास्थ्य शिविर, ई-केवायसी शिविर व आयुष्मान कार्ड शिविर भी लगाए जाएं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिविर में मेडीकल बोर्ड भी बिठाएं। साथ ही बोर्ड के माध्यम से मौके पर ही दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाए जाएं। साथ ही चिन्हित एनसीडी मरीजों को दवायें उपलब्ध कराई जाएं। टीबी जाँच की व्यवस्था भी इन शिविरों में खासतौर पर रहे। कलेक्टर ने सड़क निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन-विश्वास अभियान के दौरान अभियान बतौर सड़कों का पेच वर्क कराया जाए।
शिविर में उपलब्ध कराई जायेंगीं महत्वपूर्ण सेवायें
सीएम हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई की लंबित शिकायतें, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरण, अविवादित नामांतरण, सीमांकन व बंटवारा, न्यायालयीन आदेशों का पालन, किसान फार्मर आईडी निर्माण, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी की ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आंगनवाड़ी सेवाओं, स्वास्थ्य सेवायें, खाद-बीज उपलब्धता व सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित अन्य शासकीय सेवायें शामिल हैं।

