संसद मार्च से पूर्व जंतर-मंतर पर हंगामा, धक्का-मुक्की के बाद लाठीचार्ज
नई दिल्ली. नीट पेपर लीक मामले और देश में बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में कांॅकक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन अब और उग्र हो गया है। 20 जुलाई की सुबह से संसद के मानसून सत्र की शुरूआत हो रही है। इसी के साथ सीजेपी ने एक बड़े चलो संसद मार्च का ऐलान किया गया है।
इस मार्च के समर्थन में देशभर से छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके पेरेंट्स 19 जुलाई की शाम से ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने शुरू हो गये थे। संसद के मानसून सत्र के बीच इस बड़े आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर है। जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था के खास इंतजाम किये गये हैं।
CJP की मुख्य मांगें
CJP मुख्य रूप से तीन बड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है।
1. नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली, पेपर लीक मामलों और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय हो।
2. परीक्षा में हुई इस बड़ी धांधली को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
3. देश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी, सरकारी भर्ती परीक्षाओं के परिणामों में होने वाली देरी और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के मुद्दों पर सरकार को घेरना।
धारा 163 लागू, उल्लंघन करने पर होगी जेल
डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि मानसून सत्र और प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पुरानी धारा 144) लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे ज्यादा व्यक्तियों के जमा होने, विरोध प्रदर्शन करने, जुलूस निकालने या धरना देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। सिर्फ जंतर-मंतर पर, वो भी पूर्व अनुमति के साथ, शांतिपूर्ण प्रदर्शन की छूट होगी।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति इन निषेधाज्ञा आदेशों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने सभी नागरिकों से कानून का सम्मान करने और किसी भी अनधिकृत मार्च में शामिल न होने की अपील की है।

