MP में 2 लाख कर्मचारियों के प्रमोशन की तैयारी
भोपाल. प्रदेश में पदोन्नति की तैयारी है इसके लिए पदोन्नति के पदों का निर्धारण किया जाना है लेकिन पुराने नियमों के आधार पर ही आरक्षित वर्ग को दोहरा लाभ देने की तैयारी की जा रही है। अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 16 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित रहेंगे। शेष पद अनारक्षित श्रेणी में रहेंग लेकिन मेरिट में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के अधिकारी-कर्मचारी भी आ सकते है। यदि ऐसा होता है तो संबंधित श्रेणी का एक पद कम हो जाएगा। इसका आशय ये हुआ कि अनारक्षित सामान्य वर्ग नुकासन में रहेगा क्योंकि उसका कोटा कम हो जाएगा। इसका ही विरोध सामान्य वर्ग के कर्मचारी कर रहे है। मंत्रालय सहित कई विभाग ऐसे है जहां उच्च स्तर पर आरक्षित वर्ग का कब्जा हो गया है।
मंत्रालय में बडी बैठक
पदोन्नति नियम का पूरा मामला देखने वाले अपर सचिव अजय कटेसरिया ने सभी विभागों के स्थापना से जुडे अधिकारियों के साथ मंत्रालय में बैठक की। इसमें बताया गया कि नए नियम के अनुसार भी कुल 36 प्रतिशत पद पदोन्नति के लिए आरक्षित रहेंगे यानी चिह्नित पदों पर केवल अनुसूचित जाति या जनजाति वर्ग के अधिकारी-कर्मचारी की पदेान्नति हो सकेगी। यदि किसी संवर्क में पदोन्नत के लिए आरक्षित वर्ग का अधिकारी-कर्मचारी पात्र नहीं पाया जाता है तो वह स्थान रिक्त रहेगा। उसे किसी दूसरे वर्ग से भरा नहीं जाएगा।
2 साल के पदों के हिसाब से होगी पदोन्नति
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पदोन्नति दो साल के हिसाब से होगी। एक बार की बैठक में आगे के पदों के लिए भी व्यवस्था कर ली जाएगी। पदोन्नति के पद पांच के लिए एक बार निर्धारित हो जाएंगे। इसके फिर कोई परिवर्तन नहीं होगा। यदि किसी संवर्ग में पहले से ही पदोन्नति से पद भरे हुए हैं तो वहां पदोन्नति नहीं होगी।

