ग्वालियर में जलसंकट, पानी के लिए हाहाकार
ग्वालियर. शहर में भीषण गर्मी के बीच जल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में हालात ऐसे है कि टैंकर पहुंचते ही लोगों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की की नौबत आ जाती है। बूंद-बूंद पानी के लिए लोग परेशान है वहीं नगर निगम के पास इस समस्या से निपटने का कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा है।

कई इलाकों में हफ्तों से नलों में पानी नहीं आया
जांच में सामने आया है कि नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत में बडा अंतर है। ग्वालियर के करीब 15 लाख आबादी के लिए रोजाना लगभग 10 एमसीएफटी पानी की जरूरत है जबकि तिघरा डैम से करीब 12 एमसीएफटी पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है। इसके बावजूद शहर का बडा हिस्सा पानी के लिए जूझ रहा है। कई इलाकों में हफ्तों से नलों में पानी नहीं आया है। ऐसे में लोग टैंकरों पर निर्भर है। टैंकर पहुंचते ही भीड जमा हो जाती है और कई बार स्थिति विवाद और मारपीट तक पहुंच जाती है। महिलाओं के बीच पानी को लेकर झगडे की घटनाएं भी सामने आ रही है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा संकट
शहर के शिंदे की छावनी, घोसीपुरा, सिंधिया नगर, जागृति नगर, गोल पहाडिया, लक्ष्मीगंज, हनुमान घाटी, क्रेशर कॉलोनी, टावर कॉलोनी, किलागेट, आरामील, रेशममिल, चंदनपुरा, गुडी-गुडा का नाका, आदित्यपुरम, शताब्दीपुरम, किला तलहटी, गिरवाई, मोतीझील और किशनबाग जैसे इलाकों में हालात बेहद खराब है। कई घरों में हफ्तों से पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंची है। जहां टैंकर भेजे भी जा रहे है वहां आबादी के मुकाबले पानी नाकाफी साबित हो रहा है।

