कूनो से निकला चीता ग्वालियर के आरोन पहुंचा, कूनो टीम रेडियो कॉलर से कर रही निगरानी
ग्वालियर. कूनों नेशनल पार्क से निकला चीता केजीपी-1 लगभग 25 दिन बाद ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र के जंगलों में पहुंच गया है। इसकी पुष्टि होने के बाद ग्वालियर वन विभाग और कूनों की टीम सक्रिय हो गई है। चीते की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
शिवपुरी के रास्ते घाटीगांव के आरोन के जंगलों तक आ गया
यह चीता ग्वालियर वन मंडल में करीब तीन महीने तक रहा था। 1 मार्च के आसपास यह ग्वालियर की सीमा से निकलकर 5 मार्च को कूनो क्षेत्र में पहुंचा था। कूनो के जंगलों में लगभग आठ दिन बिताने के बाद यह 13 मार्च के आसपास फिर बाहर निकला और लगातार मूवमेंट करते हुए अब शिवपुरी के रास्ते घाटीगांव के आरोन के जंगलों तक आ गया है।
रेडियो कॉलर की मदद से कूनो की टीम उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही
चीते के गले में रेडियो कॉलर लगा हुआ है, जिसकी मदद से कूनो की टीम उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार टीम के पास एक विशेष एंटीना है जिससे चीते की हर गतिविधि और मूवमेंट पर नजर रखी जाती है। वर्तमान में यह चीता आरोन के जंगलों में मूवमेंट कर रहा है।
ग्वालियर वन विभाग के 4 कर्मचारियों सहित 8 सदस्यों की टीम तैनात
घाटीगांव के आरोन क्षेत्र में चीते के पहुंचने के बाद वन विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हो गई है। ग्वालियर वन विभाग के चार और कूनो के चार कर्मचारियों सहित आठ सदस्यों की एक टीम को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। ये कर्मचारी चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। इसके साथ ही, जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि किसी भी घटना को रोका जा सके।

