अफगान और पाकिस्तान के बॉर्डर हो रही जबरदस्त गोलीबारी, ताबड़तोड़ हमले
नई दिल्ली. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे युद्ध के बाद एक फिर से तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तानी वायुसेना ने कंधार प्रांत में घुसकर भीषण हवाई हमले किये हैं। जिसमें उग्रवादी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। जवाबी कार्यवाही में तालिवान ने भी पाकिस्तानी सैन्य कैम्प पर हमला बोला है। जिससे पूरे खित्ते में बड़ी जंगल का खतरा मंडराने लगा है। डूरंड लाइन पर दोनों देशों के बीच लगातार तनाव जारी है। दोनों देश डूरंड लाइन के माध्यम से लगभग 2,640 किमी का सीमा शेयर करते हैं।
पाकिस्तान ने रविवार की रात अफगानिस्तान के कंधार प्रांत के भीतर भीषण हवाई हमले किये हैं। सैन्य बलों ने उग्रवादी ठिकानों और सैन्य बुनियादी ढांचे को टारगेट कर कार्यवाही को अंजाम दिया है। इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तानी इलाके में होने वाले अटैक को रोकने के लिये यह कदम उठाया गया है। ऑपरेशन गजब लिल हक के तहत यह एयरस्ट्राइक की गयी है। पाकिस्तानी सेना ने सीमा पार से होने वाली कथित उकसावे वाली गोलीबारी के जवाब में यह सैन्य ऑपरेशन शुरू किये गये है। कंधार में तकनीकी सहायता ढांचे और उपकरणों के भंडारण केन्द्रों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
मानवीय संकट और पलायन का डर
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, 26 फरवरी से 5 मार्च के बीच ही अफगानिस्तान में करीब 185 नागरिक हताहत हुए हैं, जिनमें 56 मौतें शामिल है। इस भीषण गोलाबारी और हवाई हमलों के कारण करीब 1,15,000 लोग अपने घरों को छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए है। सीमा पर जारी यह संघर्ष पिछले कई महीनों में सबसे गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों को डर है कि अगर दोनों देशों ने संयम नहीं बरता, तो यह छिटपुट झड़प एक पूर्ण विकसित युद्ध में तब्दील हो सकती है।
हवाई हमलों के अलावा, पाकिस्तानी जमीनी बलों ने अफगानिस्तान के ‘बदीनी पोस्ट’ पर एक आतंकी जंप-ऑफ पॉइंट को भी नष्ट कर दिया है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक उनके सुरक्षा मकसद पूरे नहीं हो जाते, ऑपरेशन गजब लिल-हक जारी रहेगा. फिलहाल सीमा पर भारी तनाव है और दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर है। वैश्विक समुदाय भी इस बिगड़ती स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि दो पड़ोसी देशों के बीच का यह संघर्ष पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए ख़तरा बन सकता है।

