हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में हड़ताल पर हैं वकील, प्रकरणों की सुनवाई का महीनों से इंतजार
ग्वालियर. एक माह से भोपाल सहित 19 जिलों के न्यायालय में चल रही हड़ताल अब हाईकोर्ट सहित सभी 52 जिलों के न्यायालयों तक पहुंच गयी है। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जारी हड़ताल में स्टेट बार एसोसियेशन भी शामिल हो गया है। वकीलों के हड़ताल पर (कार्य से विरत) रहने के चलते ग्वालियर में शुक्रवारन को करीब 5 हजार केसों की सुनवाई प्रभावित हुई है।
इसमें करीब 1200 मामले हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के हैं। जबकि बाकी मामलों जिला एवं सत्र न्यायालय समेत अन्य न्यायालयों के हैं। दिनभर वकील कोर्ट परिसर में बैठकर प्रदर्शन करते रहेंगे। इधर महीनों से सुनवाई का इंतजार कर रहे लोग जब कोर्ट पहुंचे तो हड़ताल के चलते उन्हें निराशा हाथ लगी और आगे की तारीख मिली है।

हड़ताल का क्या है कारण
हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि पुराने 25 प्रकरण तीन महीने में निपटाएं। इसके खिलाफ जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर एक महीने से 19 जिले के वकील हड़ताल पर हैं। स्टेट बार के ऐलान के बाद 23 से 25 मार्च तक प्रदेशभर के लगभग 92 हजार वकील हड़ताल पर आ गए हैं। गुरुवार से यह तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हुई है जो शनिवार को खत्म होगी। रविवार को स्टेट बार काउंसिल की साधारण सभा की बैठक है। इसी बैठक में एडवोकेट अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय ले सकते हैं।
ग्वालियर कोर्ट में 76,901, प्रदेशभर में 19.78 लाख केस पेंडिंग
जिला न्यायालय ग्वालियर में कुल 76901 मामले लंबित हैं। इनमें 16224 प्रकरण सिविल और 60677 प्रकरण क्रिमिनल के हैं। इसमें भी 11 से 25 साल पुराने मामलों पर नजर डालें तो सिविल के 249 व क्रिमिनल के 90 मामलों का अभी भी निराकरण नहीं हो सका है। मप्र हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच की बात करें को यहां कुल 79827 प्रकरण लंबित हैं। इसमें सिविल के 48970 और क्रिमिनल के 30317 केस हैं। प्रदेश की अदालतों में 19.78 लाख केस पेंडिंग हैं, जिसमें 15.84 लाख क्रिमिनल, 3.93 लाख सिविल केस हैं।

