सियाचिन में मुरैना का सपूत हुआ शहीद
मुरैना. सियाचिन की ऊंची पहाड़ियों पर तैनात मुरैना जिले के अंबाह कस्बे के रहने वाले सेना के जवान विवेक सिंह तोमर का गत 11 जनवरी को तापमान नियंत्रक में आई खराबी से दम घुटने की वजह से निधन हो गया। जिनका मंगलवार को उनके पैतृक गांव रूअर में अंतिम संस्कार किया गया। बताया जाता है कि हवलदार विवेक सिंह थार्मास्टेटिक बिल्डिंग से अपने साथियों के साथ बाहर भी निकल आए थे। लेकिन उस समय उनकी पोस्ट पर माइनस 52 तापमान था। ऐसे में बाहर टिकना मुश्किल था। जिस पर विवेक सिंह फिर से बिल्डिंग में अंदर गए और इस तापमान नियंत्रक को ठीक भी कर दिया। लेकिन ज्यादा समय अंदर रहने से उनका दम घुट गया। तापमान कम होने से अस्पताल लाने के लिए कोई हैलीकाप्टर सुविधा भी नहीं मिल सकी। जिससे पैदल लाते समय रास्ते में उनका निधन हो गया। उनका सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें हजारों की संख्या में लोग जुटे।
ऐसे हुआ यह हादसा
यहां बता दें कि अंबाह कस्बे के एमएलडी कालोनी में रहने वाले सेना के हवलदार पद पर पदस्थ विवेक सिंह तोमर उम्र 40 साल गत 2002 में जीडी के पद पर सेना में पदस्थ हुए थे। वर्तमान मे उनकी ड्यूटी सियाचिन के गुरुमुख ग्लेशियर पोस्ट पर थी। जहां वे अपने साथियों के साथियों के साथ गत 11 जनवरी को थार्मास्टेटिक बिल्डिंग में तैनात थे। इसी बीच रात के समय बिल्डिंग के तापमान नियंत्रक में खराबी आ गई। जिससे सभी जवानों का दम घुटने लगा। जिस पर सभी जवान बाहर निकल आए। विवेक सिंह भी बाहर आ गए। लेकिन बाहर का तापमान इतना कम था कि उसमें टिकना मुश्किल था। जिस पर विवेक सिंह ने बिल्डिंग के अंदर जाकर तापमान नियंत्रक को ठीक करने की ठानी। जिसे ठीक भी कर दिया। लेकिन दम घुटने से उनकी हालत खराब हो गई।
पैदल ही ला रहे थे साथी
हैलीकाप्टर की सेवा न मिलने पर साथी उन्हें पैदल ही नीचे ला रहे थे। इसी बीच उनका निधन हो गया। जिस पर मंगवार को उनका पार्थिव शरीर अंबाह लाया गया। जहां उनके पैतृक गांव में सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, राजनेता शामिल हुए।

