सिंहस्थ की तैयारी-20 श्रद्धालु लाइन में लगकर महाकाल के दर्शन करेंगे, दीपावली तक यह नयी व्यवस्था होगी लागू
उज्जैन. पूरे देश के 12 ज्योतिर्लिंग में महाकालेश्वर पहला होगा। जहां श्रद्धालुओं एक साथ 20 लाइन में दर्शन कर सकेंगे। इसके लिये काम भी शुरू हो गया है। मंदिर प्रशासक के अनुसार दीपावली से पूर्व श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिलने लगेगा। फिलहाल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बैरिकेड्स के पीछे से 10 कतार में दर्शन करवाये जाते हैं।
मंदिर प्रबंध समिति ने जो व्यवस्था की है, उसमें सामान्य श्रद्धालुओं को गणेश और कार्तिकेय मंडपम से 5-5 कतार में लगकर दर्शन करवाते हैं। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर गणेश मंडपम के दर्शन रोककर केवल कार्तिकेय मंडपम से ही दर्शन करवाये जाते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिये इंतजार करना पड़ता है।
महाशिवरात्रि पर 44 घंटे में आये 15 लाख श्रद्धालु
नागपंचमी के मौके पर 24 घंटे में 6 लाख और महाशिवरात्रि पर 44 घंटे में 15 लाख श्रद्धालुओं को महाकालेश्वर के दर्शन के लिये आये थे। ऐसे में मंदिर प्रशासन की चिंता बढ़ गयी है। 2028 में होने वाले सिहस्थ में एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। ऐसे में श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन करवाने के लिये गभगृह के सामने वाले परिसर में विस्तार किया जा रहा है।
महाकाल नवग्रह मंदिर से होगा सीधा प्रवेश
20 श्रद्धालु लाइन में लगकर दर्शन कराने के लिये 3 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाया है। इसे दीपावली तक पूरा करने का लक्ष्य हे। इसमें नवग्रह मंदिर से सीधे गणेश मंडपम में प्रवेश दिया जायेगा।
संदीप सोनी, प्रशासक, महाकाल कॉरिडोर

