समाज सेविका का लड़कियां सप्लाई करने का है गैंग-रामनरेश सिकरबार, मृतक के पिता
ग्वालियर. सैंकी सिकरबार पर हजीरा पुलिस की कार्यवाही को संदेह के घेरे में लिया जा रहा है। इसमें पुलिस ने बिना किसी सबूत के मृतक के खिलाफ एफआईआर कैसे दर्ज कर ली। मृतक के पिता का कहना है कि पुलिस में मामले की एफआईआर दर्ज करा कर उनके बेटे पर दवाब बनाया गया था। जिससे वह मुंहमांगी 20 लाख रूपये की रकम उन्हें दे दे। लोगों की माने तो रिटायर्ड डीएसपी के प्रभाव में आकर हजीरा थाना पुलिस ने सैंकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली, जो मृतक की मौत के पीछे एक मुख्य वजह बना है। मृतक के पिता का कहना है कि अगर हजीरा थाना पुलिस इस मामले में थोड़ी से गंभीरता दिखाती तो उनका बेटा इतना भयभीत नहीं होता और वह शायद यह कदम नहीं उठाता।
एडीजी के आश्वासन के अनुसार गिरफ्तारी 2 दिन शेष
मृतक के पिता रामनरेश सिकरबार ने बताया हैकि एडीजी ने उनसे 3 दिन का समय मांगा है तथा कहा है कि इस दौरान आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि अगर पुलिस आरोपी पति -पत्नी महेन्द्र शर्मा व उनकी पत्नी ममता शर्मा को जल्द से जल्द गिरफ्तार नहीं करती हैं तो वह आन्दोलन व धरने पर बैठने के लिये मजबूर होंगे।
लड़किया सप्लाई करने का है गैंग
मृतक के पिता रामनरेशसिंह सिकरवार ने बताया है कि ममता शर्मा का काम लड़कियां सप्लाई करना है। वह गरीब लड़कियों को उनकी शादी करवाने के नाम पर फंसाती है तथा उनका उपयोग बड़े लोगों को फंसाने के लिये करती है। उस पर कोई शक न करे। इसलिये समाज सेविका का चोला पहन रखा है। फिलहाल सिविल लाईन थाना पुलिस हर ऐंगल पर इस मामले की जांच कर रही है।

