शहर में बिना परमिट ऑटो नहीं चलेंगे और पाये जायेंगे तो चालानी कार्यवाही होगी, आरटीओ द्वारा की गयी अभद्रता पर जांच में दोषी पाये जाने के बाद कार्यवाही होगी-परिवहन आयुक्त

ग्वालियर. आरटीओ एचके सिंह द्वारा की गयी अभद्रता के संबंध में ऑटो यूनियन के 4 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने परिवहन आयुक्त संजय झा को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखते हुए चर्चा की तो इस संबंध में परिवहन आयुक्त ने प्रतिनिधि मंडल की बात सुनते हुए बड़ी संजीदगी भरे अंदाज में समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा है कि यह गलत है यह नहीं होना चाहिये हम इस संबंध में जांच करवा रहे हैं इसमें समुचित कार्यवाही की जायेगी और ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इस बात का भी ध्यान रखा जायेगा, इस मौके पर उप परिवहन आयुक्त अरबिंद सक्सेना, प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष भरोसीलाल जैन, कार्यवाहक अध्यक्ष मोहम्मद शमीम, उपाध्यक्ष मुकेश पाठक और जितेन्द्र राठौर भी उपस्थित रहें। ऑटो रिक्शा कर्मचारी यूनियन (एटक) के महासचिव रमेश सविता पर आरटीओ एचके सिंह द्वारा की गयी हाथापाई के विरोध में दोपहर 3 बजे हुरावली चौराहा से एकत्रित जूलूस की शक्ल में परिवहन आयुक्त कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर आरटीओ के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है।

एकल खिड़की ऑनलाइन हो
एटक के अध्यक्ष भरोसीलाल जैन ने परिवहन आयुक्त संजय झा से आग्रह किया ऑटो चालकों की समस्याओं के लिये एकल खिड़की की सेवायें ऑनलाईन होनी चाहिये। परिवहन आयुक्त ने कहा कि हम इसको दिखवाते है इसको ऑनलाइन करने का प्रयास करेंगे।

ई-रिक्शा पर हो नियंत्रण
ई-रिक्शा शहर की सड़कों पर जाम लगाते है हम परमिट, लायसेंस और इश्योरेंस कराने के बाद ऑटो चलाते हैं और हमारे ऊपर परिवहन विभाग के सारे नियम लागू होते हैं दूसरी ओर ई-रिक्शा के लिये कोई नियम और न ही कोई परमिट है। इसके बाद भी आरटीओ चैकिंग में हमारे पास परमिट नहीं होने पर 10 हजार रूपये का जुर्माना होता है इन पर कुछ नहीं होने के बाद आराम से सड़कों पर जाम लगा रहे है। हमारे ऑटो में ड्रायवर सहित तीन सवारी बैठाने की अनुमति है जबकि यह लोग 10-10 सवारी बैठा कर ले जाते हैं। इनके लिये रूट परमिट बनाये जाये तो शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी।

एक भी ऑटो बिना परमिट न चले-हाईकोर्ट
मध्यप्रदेश में हाईकोर्ट ने इस ओर ध्यान दिया है कि शहर की सड़कों पर बिना परमिट के ऑटो न चले इस लिये ऑटो के परमिट चैक कर उन पर चालानी कार्यवाही की जा रही है, मप्र की सड़कों पर लगभग 60 हजार ऑटो दौड़ रहे हैं जबकि 30 हजार ऑटो के लायसेंस हैं तो बिना परमिट वाले ऑटो पर कार्यवाही तो की जायेगी।

