विजयादशमी के मौके पर शहर का सबसे 65फीट ऊंचा रावण सहित कुभकरण और मेघनाद के पुतले का दहन

ग्वालियर. शनिवार दशहरा के मौके पर रात 10.25 बजे असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक रावण, कुभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया है। इन तीनों पुतलों को बनाने में 6 कारीगर 15 दिन तक दिन-रात जुटे रहें। लेकिन सिर्फ 40 सेकेण्ड में यह पुतले जलकर खाक हो गये। ग्वालियर में सबसे ऊंचे और बड़े रावण का दहन शहर के हृदयस्थल फूलबाग मैदान पर किया गया था। यहां 65 फीट के रावण का दहन किया गया था।
शहर में शताब्दीपुरम, डीडी नगर, थाटीपुर, जीवाजी क्लब, लोको परिसर में पुतलों का दहन किया गया है। रावणदहन से पहले भगवान राम का चलसमारोह फूलबाग से निकला, जो बाड़ा, सराफा, राममंदिर, फालका बाजार होते हुए फूलबाग मैदान पर पहुंचा। जहां भगवान राम ने रावण में तीर मारकर वध कर दिया गया इसके बाद पुतला दहन किया गया।
यहां हुए रावण दहन के बड़े आयोजन
श्रीरामलीला समारोह समिति द्वारा फूलबाग मैदान पर रात 10.20 बजे 65 फीट का रावण और 60-60 फीट के मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। उससे पहले चल समारोह निकाला गया। करीब 11 किलोमीटर लंबे चल समारोह को फूलबाग मैदान तक पहुंचने में 4 घंटे लगे।
शताब्दीपुरम स्थित नवीन दशहरा मैदान में रात 10 बजे 65 फीट के रावण और 45-45 फीट के मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया।
शहर के सेक्टर-सी डीडी नगर में रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण के पुतलों का दहन रात 10 बजे हुआ है।
जीवाजी में रात 9:30 बजे 50 फीट के रावण मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान काफी संख्या में वहां शहर के लोग मौजूद रहे हैं
यह हुआ ट्रैफिक में बदलाव
थाटीपुर में होने वाले रावण दहन को लेकर बारादरी मुरार से आने वाला ट्रैफिक सुरेश नगर चौराहा होते हुए निकाला निकाला गया।
थाटीपुर पर रावण दहन के दौरान आकाशवाणी से आना वाला ट्रैफिक थाटीपुर विवेकानंद चौराहा से डायवर्ड किया निकाला गया।
फूलबाग मैदान में होने वाले रावण दहन के दौरान यहां आने वाले लोगों के लिए पार्किंग लक्ष्मीबाई समाधि के सामने मैदान पर लगाई जाएगी। इसके अलावा मोती मस्जिद वाली गली, अम्बेड़कर पार्क के दोनों तरफ पार्किंग की गई थी।
फूलबाग ग्राउंड में होने वाले रावण दहन के दौरान रेलवे क्रॉसिंग फूलबाग, मोती महल तिराहा, गुरुद्वारा तिराहा, मोती तबेला तिराहा, नौगजा रोड से डायवर्सन रहा।

