वायुसेना का रिटायर्ड बाबू उत्तराखंड से गिरफ्तार
ग्वालियर. कागजातों में हेरफेर कर साथी कर्मचारी का प्रमोशन कराने वाले एयरफोर्स से सेवानिवृत्त बाबू को महाराजपुरा थाना पुलिस ने उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले में अभी एक आरोपी फरार चल रहा है। पुलिस ने पकड़े गये बाबू से पूछताछ शुरू कर दी है इसके अलावा उसने और किस-किस के कागजातों में हेरफेर की है। घटना वर्ष 2016 से 2018 के बीच ग्वालियर कार्यालय की है। जिसका प्रमोशन कराया गया था उसकी गिरफ्तारी होना अभी शेष है।
सीएसपी महाराजपुरा रवि भदोरिया के अनुसार एयरफोर्स अधिकारियों की शिकायत पर वर्ष 2018 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी वीर बहादुर व रिटायर्ड बाबू रविदत्त के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। मामले की जांच की तो पता चला कि बाबू का रिटायरमेंट वर्ष 2016 में हो गया था। इसका पता चलते ही एसआई रामकिशोर जोशी, हैड कान्स्टेबल अरबिंद तोमर, आरक्षक नितिन गुर्जर, भीकम सिंह, राहुल आदि की टीम बनाकर आरोपी की तलाश में जुटी।
क्या है पूरा मामला
ग्वालियर वायुसेना के कार्यालय में रहते समय बाबू रवि दत्त ने एक अन्य कर्मचारी वीर बहादुर सिंह को प्रमोशन में लाभ दिलाने के लिये कागजातों से छेड़छाड़ की थी। उन्होंने उसकी पहली प्रमोशन तो वर्ष 2008 में हुई थी उसे छेड़छाड़ कर वर्ष 2006 दिखाई थी। जिसके साथ ही वरीयता क्रम में उसके नम्बर को 49 से 47 कर दिया था और बाद में दस्तावेजों में गड़बड़ समझ में आयी तो मामले की जांच कराई गयी थी। जिसमें बाबू रविदत्त की कलाकारी पकड़ में आयी थी। जिसके बाद वर्ष 2018 में महाराजपुरा थाना में धोखाधड़ी मामला दर्ज किया गया था।
एक माह चक्कर काटे, तब मिला सुराग
आरोपी की तलाश में पिछले एक माह से पुलिस टीम एयरफोर्स सहित अन्य संभावित स्थानों पर जानकारी जुटा रही थी। तभी पुलिस को पता लगा कि रवि दत्त हैडक्वार्टर कमांडर वर्क्स इंजीनियरिंग देहरादून से 30 जून 2016 को रिटायर्ड हो चुका है। इसके बाद टीम ने देहरादून में उसका पता लगाया तो उसके ठिकाने की जानकारी मिली। इसके बाद रविवार की रात को आरोपी रवि दत्त को वहां से पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया है। जबकि एक अन्य आरोपी वीर बहादुर सिंह फरार है।

