वंदे भारत-लम्बे रूट पर स्लीपर वंदे भारत दौड़ेगी
नई दिल्ली. भारतीय रेलवे की रफ्तार और दशा तेजी से बदल रही है। पटरियों पर दौड़ने वाली रेलों की रफ्तार बढ़ी है तो देश में वंदे भारत के पटरी पर आने के बाद यात्रा का आनंद ही कुछ और हो गया है। अब सरकार ने फैसला लिया है कि लम्बे रूट पर स्लीपर वंदे भारत और कम दूरी के शहरों के बीच वंदे भारत शटल चलाई जायेगी। रेलवे ने इस दिशा में तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। इस वक्त वंदे भारत रेले 500 से 600 किमी दूरी में चलती है।
स्लीपर वंदे भारत
वंदे भारत स्लीपर वर्जन काफी खास होगा। इन रेलों को 220 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने के लायक बनाया जायेगा वहीं ट्रैक पर यह 200 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी। इसके कोच एल्यूमीनियम के होंगे।
शताब्दी के जगह दौडेंगी वंदे भारत
श्रेलवे का जो ंप्लान है। उसके अनुसार वंदे भारत धीरे-धीरे शताब्दी एक्सप्रेस की जगह ले लेगी। देश में अभी 23 जोड़ी शताब्दी एक्सप्रेस चल रही है। इसके अलावा स्लीपर वर्जन राजधानी रेलों की तरह काम करेगा। रेलवे ने 400 वंदे भारत रेलों के लिये बिड मांगी है। रेलवे बोर्ड ने कमाई वाले रूटों पर सर्वे का काम भी शुरू कर दिया है। रेलवे ने जो जानकारी जुटाई है। उसके अनुसार दिल्ली वाराणसी के बीच दौड़ने वाली वंदे भारत के समय पालन से रेल यात्रियों काफी खुश है।

