राहुल गांधी ने की कैब की सवारी, जानी कैब ड्रायवर की परेशानी
नई दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली में उबर कैब में बैठकर कैब ड्रायवर को आने वाली परेशानियों को जाना और उन्होंने अपने फोन से 10 जनपथ के लिये टैक्सी बुक की। इसके लिये उन्होंने 438 रूपये किराया दिया।
टैक्सी में राहुल ड्रायवर के बगल वाली सीट पर बैठे और यात्रा के दौरान ड्रायवर से चर्चा की, राहुल गांधी ने लगभग 12 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया।
राहुल गांधी की कैब यात्रा की 3 तस्वीरें…



कैब ड्राइवर और राहुल गांधी की बातचीत…
राहुल: नमस्कार भैया, कैसे हैं आप, क्या नाम है?
ड्राइवर: मेरा नाम सुनील उपाध्याय है। मैं यूपी के एटा से हूं।
राहुल: कैब कब से चला रहे हो और कितनी ड्राइविंग करते हो?
ड्राइवर: करीब पांच साल से टैक्सी चला रहा हूं। 12-12 घंटे हो जाते हैं। कभी-कभी तो दो दिन तक गाड़ी में ही रहता हूं। जहां कोई गाड़ी नहीं जाती। वहां ओला-उबर जाती है। एक दिन सड़क पर बोनट तक पानी था, लेकिन कस्टमर गाड़ी से नहीं उतरा।
राहुल: आपने कहां तक पढ़ाई की है?
ड्राइवर: मैंने ग्रेजुएशन किया है। फिर आईटीआई किया, यामाहा में एक साल अप्रेंटिस भी की। फिर उन्होंने निकाल दिया।
राहुल: आपको नहीं लगता कि चुने हुए लोग अमीर होते जा रहे हैं।
ड्राइवर: सर वही सिस्टम चल रहा है।
राहुल: राजस्थान में हमारी सरकार ने नियम बनाया था कि कैब ड्राइवर के हर ट्रांजैक्शन में कुछ पैसा पेंशन में कटेगा।
ड्राइवर: ये बहुत सही नियम है। कम से कम उसे कुछ राहत तो मिलेगी।
राहुल: हमारी तेलंगाना और कर्नाटक में सरकार है, वो दो काम बताइए जो हम वहां कर सकते हैं
ड्राइवर: गाड़ी चलाने वाले के पास कुछ मिनिमम पैसा बचना चाहिए।
ड्राइवर: वैसे मैने सपने में नहीं सोचा था कि आप मेरी गाड़ी में बैठेंगे। आपको सिर्फ टीवी में देखा था। मैंने अपने जीवन में पहला वोट कांग्रेस को दिया था। 60 सालों से कांग्रेस ही तो रही है। शुरुआत में कुछ नहीं था, ये सब कांग्रेस ने ही तो बनाया। दिल्ली में सारे फ्लाईओवर शीला दीक्षित जी ने ही बनवाए थे।
राहुल: सही बात है, आसमान से तो नहीं गिरे।
राहुल: वैसे काम के लिए सबसे अच्छा सीजन कौन सा होता है
ड्राइवर: वो दिन चले गए, अब ऐसा कोई दिन नहीं आया, जब 5000 रुपए कमाई हुई हो। सुबह से ये मेरी पहली राइड है।
राहुल ने ड्राइवर को गिफ्ट दिया, परिवार के साथ छोले-भटूरे खाए

राइड खत्म होने के बाद राहुल ने ड्राइवर को गिफ्ट दिया। बाद में उसके परिवार को नाश्ते के लिए इनवाइट किया। राहुल एक रेस्टोरेंट में परिवार से मिलने गए। उन्होंने सभी के लिए छोले-भटूरे, पापड़ी चाट, आलू की टिक्की और गोलगप्पे मंगवाए। सभी ने साथ में खाया। इस दौरान राहुल ने ड्राइवर की पत्नी से पूछा कि बच्चों को स्कूल भेजते हो। पत्नी ने कहा- एक बच्चे को भेजते हैं। बेटी नहीं जाती। इतनी महंगाई में कुछ बचता ही नहीं है। राशन, घर का किराया में सबकुछ चला जाता है।

