LatestNewsअंतरराष्ट्रीयराजनीतिराज्यराष्ट्रीय

रात 8 बजे छाया घना कोहरा, दृश्यता 30 से 35 मीटर सड़कों पर थमा ट्रैफिक

ग्वालियर. शुक्रवार की सुबह से आसमान में बादल छाये हुए थे और शाम होते ही रात 8 बजे से घना कोहरा छाया गया हालत यह थी दृश्यता 30 से 35 करोड़ मीटर रह गयी। कोहरा ने सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थाम दी। शाम 6 बजे से कोहरा बढ़ना शुरू हुआ जो रात तक गहराता चला गया। दिन में बादल और धूप की आंख मिचौली से ठण्ड बढ़ गयी। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था वहीं दिन में धूप में निकलने से अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस रहा है।


जिससे ठण्ड का असर हुआ है। बादल छाने से ग्वालियर समेत अंचल में अगले 3 दिन तक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। बारिश होगी तो ठण्ड से राहत मिलेगी। लेकिन 24 जनवरी के बाद फिर से कड़ाके की ठण्ड का दौर शुरू हो जायेगा। गुरूवार की रात का फुटपाथ पर सोने वाले सभी बिना घर के लोगों को रैन बसेरा में शिफ्ट किया गया।


राजस्थान में बन रहे चक्रवातीय घेरे से गुरूवार की रात से ग्वालियर समेत अंचल मौसम बिगड़ गया। कोहरा छटने के बाद दोपहर में बादल छा गये और शाम को बूंदाबादी हुई। इस वजह से दिन में ठण्ड में राहत नहीं मिल सकी। शुक्रवार की सुबह हलका कोहरा भी रहा और धुंध भी छांयी है। न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा और मौसम विभाग के अनुसार 21 से 23 जनवरी के बीच बारिश होने की संभावना है। कहीं-कहींे गरज चमक के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है। बारिश के कारण ठण्ड से राहत की उम्मीद भी नहीं है।

 

रैन बसेरा में पहुंचाए फुटपाथ पर रहने वाले
गुरुवार को ठंड से एक अधेड़ की मौत होने के बाद कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देश पर अभियान चलाया गया। इस ठंड के दौर में सबसे ज्यादा परेशान ठंड में रहने वाले वह लोग हैं जो मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर रहने को विवश है। कलेक्टर के निर्देश पर सभी ऐसे लोगों को गुरुवार रात को रैन बसेरा में पहुंचाया गया है। जिससे उनको इस ठंड से बचाया जा सके।

24 से सक्रिय हो रहा नया चक्रवात
जम्मू कश्मीर में चक्रवात आ रहा है। यह 24 घंटे में जम्मू कश्मीर पहुंच जाएगा, जिससे राजस्थान में बना चक्रवातीय घेरा और मजबूत होगा। अरब सागर से आ रही नमी के कारण ग्वालियर सहित अंचल में बारिश होगी। बादल व बारिश के कारण तीन दिनों तक धूप निकलने की संभावना कम है। इससे दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहने वाला है। जबकि रात का तापमान बढ़ सकता है। रात के तापमान में बढ़ोतरी होने से रात में ठंड से मामूली राहत रहेगी।

जनवरी में दूसरी बार पड़ सकती है ओलो की मार
ग्वालियर-चंबल संभाग में दूसरी बार ओलों की मार पड़ सकती है। हांलाकि इस वाले बारिश के दौर में छोटे आकार ओले गिर सकते हैं। कहीं-कहीं ज्यादा नुकसान कर सकते हैं। राजस्थान से लगे हिस्से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।  यदि ओलावृष्टि होती है तो फसलों में भारी नुकसान हो सकता है, क्योंकि सरसों में फूलने प्रक्रिया पूरी हो रही है और फली आना शुरू हो गई। अन्य फसलें भी वृद्धि कर रही हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink satın al superbetin pashagaming jojobet jojobet giriş instagram unban service instagram unban service matbet matbet