यूक्रेन में फंसा भिण्ड का छात्र, 40 छात्र एक छात्रावास में फंसे, सभी डरे सहमे और सब कुछ बन्द
ग्वालियर. रूस के हमले के बाद यूक्रन के हालात बिगड़ गये है। पूरा देश में मिलिट्री का मूवमेंट बढ़ा हुआ और बाजार बन्द है। सड़कें सूनी है। खाने-पीने के होटल नहीं खुल रहे हैं। ऐसे हालात में भारतीय 40 छात्र फंस गये है। वह वतन वापिसी के भारत सरकार की ओर देख रहे हैं। भिण्ड जिले का मंगदपुरा का रहने वाला ऋषिकेश नरवरिया यूक्रेन के जकारपट्टिया के ओब्लास्ट में रहकर मेडीकल की पढ़ाई कर रहा था। छात्र का कहना है िकवह 20 दिन पूर्व से भिण्ड से यूक्रेन पहुंचा था। यहां यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रह रहा था। यूनिवर्सिटी द्वारा हॉस्टल खाली करा दिया गया है। सुबह 9 बजे 30 से 40 छात्र को निकाल दिया है। सभी को शहर से लगीाग 10 किलोमीटर दूर जंगल के एक छात्रावास में भेजा गया है। यहां हम सभी छात्रों ने सुबह से कुछ नहीं खाया है। सभी छात्र भूखे हैं। शाम तक हॉस्टल में पहुंचे हैं।
मध्यप्रदेश का कोई छात्र मेरे संपर्क में नहीं
छात्र ने यह भी बताया कि 40 छात्र में सभी झारखण्ड, यूपी, बिहार सहित दूसरे प्रांत के छात्र है। मैं अकेला मध्यप्ररीदेश के भिण्ड का हूं। उसका कहना है कि किसी भी परिस्थिति में वतन वापिसी सभी छात्र चाहते हैं। अब यूक्रेन में रहना खतरे से खाली नहीं है। अभी यूक्रेन तरह से असुरक्षित है।
हंगरी सीमा तक पहुंचाने के 400 डॉलर
छात्र ने बताया कि यहां नेटवर्क की प्रॉब्लम शुरू हो चुकी है। परिवार वालों के अलावा किसी से बातचीत नहीं हो पा रही है। छात्र ने यह भी बताया कि यूनिवर्सिटी द्वारा हंगरी की सीमा तक भेजने की सभी छात्रों से बातचीत की है। वह 400 डॉलर मांग रहे है। मेरे पास 200 डॉलर ही है। अधिकांश छात्रों के पास राशि का अभाव है।

