बुधवार की सुबह फिर खुले तिघरा के 7 गेट
ग्वालियर. मंगलवार की रात से बुधवार की सुबह तक ग्वालियर-चम्बल संभाग में तेज व मूसलाधार वर्षा में बदल गयी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे इसी तरह तेज वर्षा की संभावना जताई है। बुधवार की सुबह तिघरा के 7 गेट 3 फीट तक खोले गये है। जिससे तिघरा के प्रभावित ग्वालियर और मुरैना के कुछ गांव में अलर्ट घोषित किया गया है और साथ ही रमौआ बांध में लगातार जलस्तर बढ़ने पर मुरार नदी में छोटे जान के बाद निचली बस्तियों में रहने वाले एक बार फिर संकट में आ गये है।
ल्गातार तेज वर्षा के चलते कलेक्टर रूचिका चौहान ने 8वीं तक स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। हालांकि यह आदेश सुबअह 7.47 बजे जारी किया गया। तब तक बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे। जिला शिक्षा अधिकारी ने हाईस्कूल व हायर सेकेण्डरी की त्रैमासिक परीक्षा आज स्थगित कर दी है।
ग्वालियर में तिघरा के पांच गेट खोले, ग्वालियर-मुरैना में अलर्ट
ग्वालियर में बुधवार सबह सुबह 9:15 बजे तिघरा बांध के 7 गेट को 2.5 फीट तक खोलकर लगभग 12500 क्यूसेक जल की निकासी की गई है। जिससे सांक नदी में उफान आ गया है। सांक नदी के किनारे बसे हुए गांव के लोगों को सतर्क रहने व नदी किनारे न जाने के लिए चेतावनदी दी है। तिघरा से पानी छोड़ने के कारण ग्वालियर के ग्वालियर के प्रभावित क्षेत्र ग्राम तिघरा, ग्राम कैथा, ग्राम तालपुरा, ग्राम महिदपुर, ग्राम पृथ्वीपुर, ग्राम कुलैथ, ग्राम अगरा भटपुरा, ग्राम दुगनावली व ग्राम तिलघना में तिघरा से पानी छोडे जाने के बाद अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही मुरैना के प्रभावित क्षेत्र ग्राम पहाड़ी, ग्राम जखौदा, व ग्राम बामोर में तिघरा से छोड़ा गया पानी संकट बन सकता है। यहां स्थानीय प्रशासन व पुलिस ने अलर्ट जारी किया है।
मंगलवार की दोपहर 1 गेट खोला
तिघरा बांध के प्रभारी इंजीनियर वीरेन्द्र यादव ने बताया कि मंगलवार की दोपहर 1 बजे 1 गेट खोला गया था। लेकिन शाम से ही वर्षा शुरू हो गयी थी तो बुधवार की सुबह 9.30 बजे 7 गेट खोलना पड़े हैं। मंगलवार की रात से ही कार्यपालन यंत्री पंकज कुमार सेंगर, सहायक यंत्री वीरेन्द्र यादव ने रात से ही घेरा डाल रखा है। सत्त मॉनीटरिंग कर रहे है। जैसे ही जलस्तर घटेगा तो गेट को बन्द कर दिये जायेंगे।
पिछले साल 496.7 मिमी. अधिक वर्षा751.2 है जिले की सामान्य औसत वर्षा
बुधवार सुबह 8 बजे तक 1094.2 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष में हुई इस अवधि की औसत वर्षा से लगभग 496.7 मिमी. अधिक है। ज्ञात हो जिले की सामान्य औसत वर्षा 751.2 मिमी. है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 18 सितम्बर को प्रात:काल तक 1094.2 मिली मीटर वर्षा हुई है। पिछली साल इस अवधि में 597.5 मिली मीटर वर्षा दर्ज हुई थी। इस साल मानसून में सबसे अधिक 1288.6 मिमी. वर्षा घाटीगाँव (बरई) तहसील में दर्ज हुई है और सबसे कम 798.1 मिली मीटर वर्षा चीनौर तहसील में रिकॉर्ड की गई है। जिले के वर्षामापी केन्द्र ठाठीपुर अर्थात मुरार में 1135.8, डबरा में 1107.1 व भितरवार तहसील में 1141.3 मिमी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

