Newsमप्र छत्तीसगढ़

बालिगों की पंसद की शादी में हस्तक्षेप नहीं-हाईकोर्ट

ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच की एकल पीठ ने बालिग दम्पत्ति की जान और स्वतंत्रता की सुरक्षा से जुडे एक अहम मामले में आदेश जारी किया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि बालिग युवक-युवती ने अपनी स्वेच्छा से विवाह किया है तो उनके जीवन और आजादी की रक्षा करना राज्य का दयित्व है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक जैन ने सानिया बानों एवं अन्य बनाम मप्र शासन मामले में पारित किया है। न्यायालय ने कहा है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का दखल स्वीकार्य नहीं है।
याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उनकी उम्र क्रमशः 21 और 24 वर्ष है। दोनों एक ही धर्म से हैं और उन्होंने 20 दिसंबर 2025 को अपनी मर्जी से विवाह किया है, जिसका निकाहनामा रिकॉर्ड पर प्रस्तुत किया गया।दंपती ने आरोप लगाया कि युवती के पिता इस विवाह का विरोध कर रहे हैं, जिससे उन्हें अपने परिजनों से जान का खतरा महसूस हो रहा है। हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे याचिकाकर्ताओं द्वारा दी गई शिकायत/प्रतिनिधित्व पर गंभीरता से विचार करें। पुलिस को दंपती की उम्र और विवाह के तथ्य का सत्यापन कर कानून के अनुसार आवश्यक सुरक्षा और कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink satın al pokerklas superbetin pashagaming matbet matbet betsat hızlıcasino pashagaming jojobet jojobet giriş holiganbet