फूड एंड सेफ्टी टीम वीरजी चाप वाले प्रतिष्ठान पर पहुंची, बदबूदार मिली ग्रेवी व एक्सपायर्ड चाकलेट से बन रहा था शेक
ग्वालियर. बदबूदार ग्रेवी में चाप दिए जाने की शिकायत के बाद फूड एंड सेफ्टी टीम मोती तबेला स्थित वीरजी चाप वाले प्रतिष्ठान पर पहुंची। यहां रसोई की पड़ताल की गई तो बड़े बर्तन में ग्रेवी व चाप मिलाकर रखे थे जिसे फूड सेफ्टी ऑफिसर सतीश शर्मा ने सूंघा तो बदबू आ रही थी। यह पुरानी चाप होना पता चली जिस पर क्रीम लगाकर रख दिया गया था। लगभग ग्रेवी लगी पांच किलो चाप को प्रतिष्ठान के बाहर की फिंकवा दिया गया। ग्रेवी की सैंपलिंग फूड सेफ्टी टीम ने की। वहीं बगल में शेक इट बेबी प्रतिष्ठान पर टीम पहुंची तो अलग-अलग तरह के शेक बन रहे थे। चॉकलेट शेक की जांच की तो पता चला कि किटकैट चॉकलेट जो एक्सपायर्ड थी उससे ही शेक बनाया जा रहा था। 21 पैकेट चॉकेट नष्ट कराई गई व सैंपलिंग की।
फूड सेफ्टी टीम को शिकायत मिली थी कि मोती तबेला स्थित वीरजी चाप वाले प्रतिष्ठान पर बदबूदार ग्रेवी में चाप दी जा रही है। एडीएम इच्छित गढ़पाले को मिली शिकायत के बाद तत्काल टीम भेजी गई। फूड सेफ्टी टीम के सदस्य सतीश धाकड़, गोविंद सरगैया ने रसोई का निरीक्षण किया। जहां टीम के पहुंचते ही सफाई शुरू करा दी गई। रसोई में गंदगी भी मिली। इस फर्म के मालिक सरबजीत सिंह हैं। वहीं शेक इट बेबी फर्म के मालिक मनोज सिंह मावई हैं। वहीं सोमवार को कांच मिल स्थित नकली किनले की फैक्ट्री पर जो कार्रवाई की गई थी उसकी ओर से आवेदन प्रशासन के पास पहुंचा है। मालिक अभी तक नहीं पहुंचा है।
प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी बीते रोज जिले के अफसरों को माफिया के खिलाफ सख्ती से अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसमें खनन माफिया मिलावटखोर भी शामिल हैं। अधिकारियों ने भी सूची तैयार कर ली है।

