प्रधानमंत्री मोदी ने पेश किया 6जी विजन डॉक्यूमेंट, 5 प्वॉइंट्स में जानिये
नई दिल्ली. भले ही आपके फोन में 4जी या 5जी ढंग से काम न कर रहा हो। लेकिन देश 6जी की ओर बढ़ रहा है। भारत में 5जी पिछले साल के अंत में लांच हो गया था। अब बारी है 6जी लॉचिंग में भले ही देश में देरी हुई। लेकिन 6जी को लेकर तैयारी अभी से शुरू हो गयी है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को भारत में 6जी विजन डॉक्यूमेंट पेश किया है और इसके साथ ही उन्होंने 6जी रिसर्च और डवलपमेंट टेस्ट बेस्ड लॉंच किया है।
देश में 6जी टेक्नोलॉजी को लांच करने और एडॉप्शन में यह डॉक्यूमेंट मददगार होंगे। 5जी के समय भी पीएम नरेन्द्र मोदी ने 6जी को लेकर तैयारी शुरू करने की बात कही थी।
आईये जानते हैं 6जी विजन डॉक्यूमेंट से जुडी अहम बातें
6जी विजन डॉक्यूमेंट पेश करते हुए पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि यह डीकेड भारत का टेक-एड हैं। भारत का टेलीकॉम और डिजीटल मॉडल स्मूथ है। सिक्योर है। ट्रॉसपैरेंट है। ट्रस्टेड और टेस्टेड है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने आईटीयू (इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन) एरिया ऑफिस और इनोवेशन सेंटर के उद्घाटन के अवसर पर कही हैं।
टेस्ट बेड का क्या है फायदा?
6G विजन डॉक्यूमेंट के साथ ही पीएम मोदी ने 6G टेस्ट बेड भी लॉन्च किया है. इसकी मदद से इंडस्ट्री, एकेडमिक इंस्टीट्यूट्स और दूसरे प्लेटफॉर्म्स विकसित हो रही टेक्नोलॉजी को टेस्ट कर सकेंगे.
क्या है सरकार का कहना?
सरकार का कहना है कि भारत 6G विजन डॉक्यूमेंट और 6G टेस्ट बेड देश को इनोवेशन इनेबल करने, कैपेसिटी बिल्ड करने और तेजी से नई टेक्नोलॉजी को एडॉप्ट करने में मदद करेंगे.
2022 में ही 6G विजन का दिया था संकेत
पिछले साल अगस्त में PM मोदी ने स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन के खत्म होने पर कहा था कि सरकार 6G लॉन्च की तैयारी में जुट गई है, जो इस दशक के अंत तक लॉन्च हो जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने युवाओं और इनोवेटर्स को इस मौके का फायदा उठाने के लिए कहा और नए सॉल्यूशन्स खोजने की अपील की थी.
पिछले साल लॉन्च हुई थी 5G सर्विस
भारत में 5G सर्विस पिछले साल 1 अक्टूबर को लॉन्च हुई थी. डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन को 5G स्पेक्ट्रम नीलामी में 1.50 लाख करोड़ रुपये की बोली मिली थी.

