पैंगॉन्ग झील इलाके भारत और चीन के सैनिक 6 दिन से हैं आमने सामने, सेना प्रमुख की लेह तैयारियों का लेंगे जायजा
नई दिल्ली. भारतीय सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे आज लेह के दौरे पर जायेंगे। वह शुक्रवार को भी वहीं रहेंगे। इस बीच सीनियर फील्ड कमाण्डर उन्हें लाइन ऑफ एक्चुअल कन्ट्रोल (एलएसी) की मौजूदा स्थिति के संबंध जानकारी देगे। आर्मीचीफ चीन से चल रहे तनाव के दौरान भारतीय सेना की तैयारियों का निरीक्षण करेंगे। न्यूज एजेंसी के हवाले से यह जानकारी दी गयी है।
भारतीय सेना प्रमुख का दौरा ऐसे वक्त हो रहा है जब बातचीत के बावजूद चीन भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है। 29-30 अगस्त की दरमियानी रात चीनी सैनिकों ने लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश की थी। जिसे भारतीय सैनिकों ने चीनी जवानों को खदेड़ दिया था। तभी से दोनों के जवान आमने-सामने डटे हुए हैं। इसी दौरान चीन के सैनिकों ने 1 सितम्बर को भी घुसपैठ का प्रयास किया था जिसे भारतीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया।
रिछिन लॉ पर डटे भारतीय सैनिक
पूर्वी लद्दाख के पैंगॉन्ग झील के इलाके में चीन की उकसावे की कार्यवाही से तनाव बना हुआ है। इसे कम करने के लिये बैठकों का दौरा जारी है। इसी सिलसिले में दोनों देशों के बीच बुधवार का लगातार तीसरे दिन कमाण्डर लेवल की बैठक हुई है। इस दौरान, भारतीय सेना ने उत्तरी छोर पर अपनी तैनाती में बदलाव किया है। सूत्रों के अनुसार, फिंगर-4 की पहाडि़यों पर हमारे सैनिक नहीं हैं। तैनाती में बदलाव एहतियातन किया गया है। यह भी पता चला है कि पैंगॉन्ग से लेकर रेजांग ला और रिछिन ला तक की पूरी रिज लाइन पर भारतीय सेना का दबदबा है।
अब रिछिन ला से लेकर गुरूंग हिल और मगर हिल पर भारतीय सैनिक हटे हैं, एक अधिकारी ने बताया कि चीनियों को सबसे अधिक परेशानी रिछिन ला पर हमारी मौजूदगी से है, क्योंकि वहां से उनका पूरा स्पांगर गैरीसन निगरानी में आ चुका है। भारत को अब इस मामले में काफी बढ़त मिल चुकी हैं।

