पिता-पुत्र के खिलाफ फ्रॉड की एफआईआर दर्ज होते ही शॉप बन्द कर गायब हुए आरोपी
ग्वालियर. सराफा बाजार बाड़ा (लश्कर) स्थित विमल ज्वेलर्स के संचालक पिता-पुत्र अजीत जैन और विमल जैन के खिलाफ थाना कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गयी है। आरोप है कि दोनों ने वर्ष 2012 से 2016 के बीच 3 लोगों से कुल 16 लाख रूपये उधार लिये। लेकिन न तो मूल रकम लौटाई और न ही ब्याज का भुगतान किया। जब पैसे मांगे गये तो पीडि़तों का फर्जी शपथ पत्र दिखाकर फायनल सैटलमेंट’’ का दावा कर दिया गया है। इसके लिये मुख्य पीडि़त 91 वर्षीय लालमणि जैन 5 वर्षो पुलिस थाने और अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक गये। इसके लिये नाती आदित्य मणि जैन ने भी कार में लेटाकर के अधिकारियों के यहां चक्कर लगाये तभी सुनी गयी गुहार इसके लिये एसएसपी धर्मवीर सिंह और एएसपी सुमन गुर्जर ने उनका दर्द समझा तो इसके जांच रिपोर्ट पर कार्यवाही की गयी।
तीन एएसपी ने जांच रिपोर्ट को देखा पढ़ा और समझा
पिछले 5 वर्षो में एएसपी सत्येन्द्र तोमर, गजेन्द्र सिंह वर्द्धमान और सुमन गुर्जर के हाथों के बीच गुजरी जांच रिपोर्ट पर कार्यवाही गयी है। एफआईआर दर्ज होते ही सराफा बाजार में सन्नाटा खिंच गया। क्यों कि ठगे हुए लोग कार्यवाही की आस छोड़ कर शांत बैठ चुके थे। आज जब एफआईआर दर्ज की गयी तो संत 95 वर्षीय लालमणि जैन का देर है पर अंधेर नहीं पुलिस ने मेरी गुहार सुना है इसके मैं उनका धन्यवाद करता हूं।
शपथपत्र देखकर हैरान हो गया पीडि़त परिवार
पैसे देने वाले व्यापारी परिवार ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने न तो कोई शपथ पत्र बनवाया था और न ही किसी कागजात पर हस्ताक्षर किये थे। इसके बावजूद उनके नाम से शपथ पत्र तैयार कर दिखाया गया हैं। मामले की शिकायत 5 मार्च 201 को कोतवाली थाने में की गयी थी। लम्बी जांच के बाद अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
शॉपबंद और संचालक गायब
जब से आरोपी परिवार को एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिली तो विमल ज्वेलर्स के नाम से संचालित शॉप बन्द है और परिवार के सदस्य घर से गायब हो गये है। इसके बाद जब व्यापारियों को एफआईआर जानकारी मिली तो शॉप पर देखने पहुंचे तो शॉप बंद थी। सराफा बाजार के व्यवसाईयों में पिता-पुत्र के कार्यो की जमकर चर्चा हो रही है।
पांच साल चली जांच, अब दर्ज हुआ केस
शिकायत के बाद मामला जांच में लिया गया। तत्कालीन एडिशनल एसपी सत्येंद्र सिंह तोमर ने जांच कर रिपोर्ट सौंपी। आरोप है कि इस दौरान आरोपी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करते रहे। अंततः एएसपी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अजीत जैन और विमल जैन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया।कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया- मामले में अजीत जैन और विमल जैन के खिलाफ फ्रॉड का प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने उधार लिया पैसा नहीं लौटाया और फर्जी तरीके से शपथ पत्र तैयार कराया।

