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परिवहन आयुक्त के पीए सत्यप्रकाश शर्मा का खेल, मंत्री और टीसी की शिकायतें, वीडियों वायरल से आये थे चर्चाओं में

परिवहन मंत्री और परिवहन आयुक्त की करवाई अवैध वसूली की फर्जी शिकायतें
ग्वालियर. परिवहन मंत्री गोविंदसिंह राजपूत और परिवहन आयुक्त मुकेश जैन के खिलाफ मुख्यमंत्री से फर्जी शिकायतें करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। यह फर्जी शिकायतें स्वयं ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पीएम सत्यप्रकाश शर्मा ने ही करवाई थी। सत्यप्रकाश शर्मा ने अपने ड्रायवर अजय सालुंके के माध्यम एक पत्रकार के नाम से सीएम सहित 7 जांच एजेंसियों को शिकायतें भेजी थी।
प्रदेश के टोल नाकों पर 50 करोड़ की अवैध वसूली का आरोप लगाया था। जब पत्रकार धर्मवीर कुशवाह के पास स्पीड पोस्ट के मैसेज आये, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। क्राइम ब्रांच ने ड्रायवर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, शिकायतों को मास्टर माइंड अभी फरार चल रहा है। इसके लिये क्राइम ब्रांच ने दविश देने की तैयारी कर ली है।

आईजी के वीडियों वायरल से आये थे चर्चाओं में
परिवहन मंी गोविंद राजपूत व आयुक्त मुकेश जैन की शिकायत किये जाने के मामले में आयुक्त कार्यालय के पीए सत्यप्रकाश शर्मा का नाम आने के बाद अवकाश होने की वजह से विभाग की ओर से कोई कार्यवाही नहीं हुई। करीब 2 साल पहले तत्कालीन परिवहन आयुक्त वी मधुकुमार का वायरल हुआ वीडियों भी चर्चाओं में रहा। वी मधुकुमार का पूर्व में आईजी के कार्यकाल में दौरान के बीच एक रेस्ट हाउस में लिफाफे लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो कहां से वायरल हुआ था यह जांच नहीं हुई थी। यह वीडियो विदेश के मोबाबइल नम्बर से वायरल हुआ था और परिवहन विभाग के ही किसी कर्मचारी हाथ होने की चर्चा तब विभाग में रही थी। ऐसा बताया भी गया है कि विभाग में आरटीओ व चेकपोस्ट से संबंधित भ्रष्टाचार से संबंधित बेनामी शिकायत पूर्व में चर्चित रही है। फिलहाल सत्यप्रकाश के बयान पुलिस नहीं सकी है।
सत्यप्रकाश ने बनायी प्रॉपर्टी-डॉ. उपेन्द्रसिंह तोमर
अभी हाल ही में डॉ. उपेन्द्रसिंह तोमर ने फेसबुक पर लिखा है एक लम्बे समय से परिवहन आयुक्त कार्यालय को अपने हिसाब से चलाने वाले सत्यप्रकाश शर्मा के बारे में बताया जाता है कि यह अथाह संपत्ति अपने रिश्तेदारों एवं मित्रों के नाम कर रखी है। इसकी संपत्ति विनयनगर, ट्रांसपोर्ट नगर, शंकरपुर, सिगौरा, कुलैथ, रायरू एवं साडा के नजदीक गांव में जमीनें खरीदी है। इसकी जांच ईओडब्ल्यू से कराई जानी चाहिये।
मध्यप्रदेश परिवहन आयुक्त कार्यालय में सत्यप्रकाश के हिसाब से, ग्वालियर आरटीओ कार्यालय के पूर्व कर्मचारी विष्णु अस्थाना के हिसाब से ही चलता है। सभी वसूली एवं वितरण का लेना देना इन्हीं पर है।
इनको भेजी जानी थी शिकायतें
धर्मवीर के नाम से परिवहन मंत्री और परिवहन आयुक्त की शिकायतों के लिफाफे प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, रजिस्ट्रार हाईकोर्ट, CBI,  भाजपा संगठन मंत्री,  महानिदेशक लोकायुक्त सहित अन्य स्थानों पर भेजे जाने थे।

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