पदोन्नति में आरक्षण का रास्ता खुल सकता है सामान्य के पद पर प्रमोशन लिया तो आरक्षण नहीं मिलेगा
नई दिल्ली. चार आईएएस अधिकारियों की कमेटी ने पदोन्नति में आरक्षण से जुड़ी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। इसमें 2 विकल्प बताये गये है। जिनसे पदोन्नति का रास्ता खुल सकता है। यह विकल्प सामान्य पद पर आरक्षित क्षेणी के व्यक्ति के जाने व उसी रास्ते आगे की सर्विस पूरी करने के साथ योग्यता व वरिष्ठता फार्मूले पर टिका हुआ है। कमेटी की रिपोर्ट पर अब जल्द ही मुख्यमंत्री से चर्चा प्रस्तावित हैं।
इसके बाद इसे कैबिनेट में लाया जायेगा। शासन को अनुमान है कि वर्ष 2021-22 और 2022-23 में सर्वोधिक सेवानिवृत्त होने वाले है, क्योंकि अधिकतर भर्तिया 1983-54 की है। इसीलिये जल्द ही नये नियम बनाये जा सकते हैं। पिछले लगभग 5 वर्ष में 70 हजार अधिकारी -कर्मचारी बिना पदोन्नति पाये ही रिटायर हो चुके हैं। कमेटी में सीनियर आईएएस अधिकारी एपी श्रीवास्तव, विनोद कुमार, राजेश राजौरा और मनीष रस्तोगी शामिल किये गये हैं।
2016 से सुप्रीमकोर्ट में मामला चल रहा है
कर्मचारियों की याचिका पर मप्र हाईकोर्ट ने अप्रैल 2016 को मप्र लोकसेवा (पदोन्नति) नियम 2002 को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ राज्य सरकार की तरफ से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था। इस पर लगभग 5 वर्ष से लगातार कवायद चल रही है लेकिन नतीजों तक प्रयास नहीं पहुंचे। कर्मचारी-अधिकारी लगातार रिटायर होते रहे। इस दौरान राज्य सरकार सशर्त पदोन्नति का मार्ग भी नहीं बना।
आरक्षित वर्ग वाला कभी भी पा सकेगा सामान्य श्रेणी में प्रमोशन
सामान्य श्रेणी के रिक्त पद पर यदि कोई आरक्षित वर्ग का कर्मचारी-अधिकारी प्रमोशन लेता है तो वह अपनी आने वाली सर्विस में सामान्य श्रेणी के रास्ते ही आगे के प्रमोशन का हकदार होगा। फिर वह दोबारा आरक्षित वर्ग का लाभ नहीं ले पाएगा। आरक्षित वर्ग का व्यक्ति अपने सेवाकाल में किसी भी समय प्रमोशन के लिए सामान्य श्रेणी के पद पर जा सकेगा, लेकिन उपरोक्त शर्त भी उसी समय से लागू हो जाएगी।
उसे तुरंत प्रमोशन मिलेगा
इसमें वरिष्ठता और योग्यता को प्राथमिकता पर रखा गया है। क्लास वन ऑफिसर के मामले में योग्यता सह वरिष्ठता का फाॅर्मूला लागू होगा। इसमें प्रमोशन के लिए क्वालिफाइंग सर्विस पूरी होने पर पांच साल की एसीआर देखी जाएगी। इसके बाद वरिष्ठता का नंबर आएगा। चार पदों के लिए 12 लोगों पर विचार होगा। जिसकी एसीआर आउटस्टेंडिंग होगी और वरिष्ठता में भी वह आगे होगा, उसे तुरंत प्रमोशन मिलेगा। इसी तरह यदि अधिकारी क्लास-टू है तो उस समय फाॅर्मूला बदल जाएगा। योग्यता पीछे हो जाएगी और वरिष्ठता को पहले देखा जाएगा। ऐसे में सिर्फ वरिष्ठता की सूची बनेगी और प्रमोशन हो जाएगा।

