निंदा फाजली के जीवन पर बनाई गयी डॉक्यूमेंट्री 3 नवंबर को बाल भवन में किया जायेगा प्रदर्शन
ग्वालियर. अचलेश्वर मंदिर पर मीरा के भजन के साथ से लेकर मुंबई की तंगलियों में काफी ऊंचाईयों को छुआ है। इस शख्सियत का नाम निंदा फाजली है। इस बीच प्रख्यात गायक शान ने बताया कि मेरे मानस मुखर्जी के साथ काफी दोस्ताना था। मुझे उनकी चुलबुली स्मृति याद आती है। मेरे पिता और ख्याम सहित म्यूजिशियन के बीच गीत गाने की रिर्हसल चल रही थी इसी बीच निंदा फाजली ने सबके जूते-चप्पल कम्पाउंड के बाहर फेंक दिये और जब लोग घर जाने के बाहर निकले तो सभी लोग अपने जूते -चप्पल ढूंढ रहे थे तो निंदा फांजली बोलते है कि आप लोग जूता चप्पल ठीक से रखते नहीं हो और अब ढूंढते फिर रहे है। निंदा फांजली के जीवन के आधार पर डायरेक्टर अतुल गंगवार एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है। इसे 9 नवम्बर को 3 बजे बाल भवन में दिखाया जायेगा। पत्रकारवार्ता में अतुल पांडे, सीपीआर तोमर और डायरेक्टर अतुल गंगवार मौजूद रहें।
कौन हैं निंदा फांजली
नई सड़क स्थित नीम वाली धर्मशाला में रह कर शिक्षा ग्रहण की और इसके बाद वह मुंबई चले गये। देश बटवारे के समय परिवार को लोग पाकिस्तान चले गये एकमात्र निंदा देश छोड़कर नहीं गये। निंदा देश के चुनिंदा लेखकों, अपनी शायरी, दोहों और गीतों के लिये प्रसिद्ध है।

