नाम बदलने को लेकन किसी ने आधार-पासपोर्ट का दिखाया डर, INDIA बनाम BHARAT पर विपक्षी नेता क्या बोले?
नई दिल्ली. जी-20 से पूर्व देश में देश के नाम को लेकर राजनैतिक घमासान शुरू हो गया है। इस पूरे बहस की शुरूआत राष्ट्रपति भवन से आये निमंत्रण पत्र से हुई। जिसमें प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया की जगह प्रेसीडेंट ऑफ भारत लिखा था। यह निमंत्रण पत्र 9 सितम्बर से भारत में होने जा रहे जी-20 समिट के लिये विदेशी मेहमानों और भारत के कुंछ नेताओं को भेजा गया है। इस निमंत्रण के सामने आने के बाद ही विपक्ष हमलावर हो गये। इंडिया गठबंधन के नेताओं का दावा है कि इंडिया या भारत वाली बहस के पीछे भाजपा का डर है।
आइये जानते हैं कि किस नेता ने क्या कहा
1- पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के केन्द्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा है कि आज, उन्होंने () इंडिया का नाम बदल दिया है। जी-20 सम्मेलन के रात्रि भोज के निमंत्रण कार्ड में, भारत का उल्लेख किया गया है। अंग्रेजी मे ंहम ‘‘इंडिया’’ और इंडियन कंस्ट्रीटूशन और हिन्दी मे ंहम भारत और भारत का संविधान कहते हैं। इसमें नया क्या है? लेकिन इंडिया नाम से दुनिया वाकिफ ह ै। अचानक ऐसा क्या हुआ कि उन्हें देश का नाम बदलना पड़ा?
2- तमिलनाडु के सीएम और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा है कि फांसीवाद भाजपा शासन को उखाड़ फेंकने के लिये विपक्ष्ी दलों ने एकजुट होकर गठबंधन को इंडिया नाम दिया। लेकिन अब भाजपा इंडिया को भारत में बदलना चाहती है। भाजपा ने भारत में बदलाव का वादा किया था। लेकिन 9 साल के बाद सिर्फ बदला नाम ही मिला है।
3- कांग्र्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि हिन्दू नाम भी विदेशों ने दिया है। मुझे लगता है कि पीएम स्वयं इंडिया नाम से डरते हैं। जिस दिन से इंडिया नाम का गठबंधन बना है। उसी दिन से पीएम मोदी की ‘‘इंडिया’’ नाम के प्रति नफरत बढ़ गयी है। अगर वह अंग्रेजों के इतने ही खिलाफ हैं तो उन्हें राष्ट्रपति भवन, जो कि वायसराय का घर था, का त्याग कर देना चाहिये।

