दीवाली की भाईदूज पर 3 दिन चले लक्खी मेला में 26 लाख 8 हजार आया चढ़ावा
दतिया. रतनगढ़ माता मंदिर पर दीवाली की भाईदूज पर आयोजित किये गये लक्खी मेला 3 दिन चला। इस बीच 35 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आर्शीवाद लिया है। वहीं, सात हजार से ज्यादा सर्पदंश पीडि़तों के बंध काटे गये ।इन 3 दिनों में माता मंदिर की दान पेटियों में 26 लाख 8 हजार से ज्यादा चढ़ावा चढ़ाया गया है। यह पूरा कोष रतनगढ़ माता मंदिर के नाम से जमा किया गया है।
जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर में 50 से अधिक दान पेटियां रखी हुई है। इन 3 दिनों में भक्तों ने इन पेटियों में माता औरर कुंवर महाराज के नाम का चढ़ावा चढ़ाया है। दान पेटियों में चढ़ाया गये चढ़ावे की गिनती मंगलवार की सुबह 9 बजे से शुरू की गयी जो शाम 4 बजे तक चली। गिनती में कुल 72 से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी थी। जिसमें तहसीलदार, पटवारी समेत सचिव शामिल है। इस पूरे पैसों को माता के नाम से बैंक में जमा किया जायेगा।
सर्पदंश का जहर उतरने की है मान्यता, यहां है देश का सबसे वजनी घंटा
दतिया में रतनगढ़ माता मंदिर पर लगे लख्खी मेले में अब तक 37 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं। शनिवार रात से शुरू हुए इस मेले में रविवार शाम तक कुल 6 हजार से ज्यादा सर्प दंश पीड़ितों के बंध काटे जा चुके हैं। मध्यप्रदेश के अलावा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित अन्य प्रांतों से भी लोग लगातार यहां पहुंचे।

