डोनाल्ड ट्रम्प के सामने हुआ रिहर्सल, अपाचे गनशिप और ड्रॉप होते हुए दिखाई दिये कमाण्डो, ऑपरेशन मादुरो पर हुआ खुलासा

नई दिल्ली. गर्मियों में 2025 में अमेरिका की सेना ने फोर्ट ब्रैग (अब फोर्ट लिबर्टी) बेस पर एक खास डेमॉन्स्ट्रेटिव अभ्यास किया था। जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्वयं देखा था। यह अभ्यास वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के रेड का सिमुलेशन था। जनवरी 2026 में हुई असली ऑपरेशन ‘‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ में मादुरो को पकड़ लिया गया। जो कि इस अभ्यास की तैयारी का हिस्सा लगता है।
बैकग्राउंड में था अभ्यास
2025 की गर्मियों में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमाण्ड (एसओसीओएम) और डेल्टा फोर्स (सीएजी) के सैनिकों ने फोर्ट ब्रेग में ट्रेनिंग की। फोर्ट ब्रैग उत्तरी कैरोलीना में है। अमेरिकी आर्मी की स्पेशल फोर्सेस का मुख्य केन्द्र है। यहां डेल्टा फोर्स जैसी एलीट यूनिट्स ट्रेनिंग करती है।
असली ऑपरेशन का संबंध
जनवरी 2026 में ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व में ठीक यही टैक्टिक्स इस्तेमाल हुई। डेल्टा फोर्स ने एमएच-47जी और अपाचे कवर में काराकस में मादुरो के कंपाउड पर रेड किया। बिजली काटी गयी। एयर डिफेंस दबाया गया। मादुरो को पकड़ लिया गया। ट्रेनिंग ने इसे कामयाब बनाया है। कोई अमेरिकी सैनिक नहीं मारा गया है।
अभ्यास का मकसद
स्पेशल फोर्सेस को असली जैसे हालात में ट्रेनिंग देना।
हेलीकॉप्टर इंसर्शन, रूफटॉप असॉल्ट और ग्राउंड सपोर्ट का कोऑर्डिनेशन चेक करना।
ट्रम्प को सेना की क्षमता दिखाना। ताकि ऑपरेशन के लिये अप्रूवल मिले।
इस्तेमाल हथियारों और व्हीकल्स की डिटेल
MH-47G चिनूक: 160th SOAR (नाइट स्टॉकर्स) का. दो इंजन, 50+ सैनिक ले जा सकता है. स्पेशल फोर्सेस के लिए डिजाइन – रिफ्यूलिंग इन फ्लाइट, लो लेवल फ्लाइट है।
AH-64 अपाचे: अटैक हेलिकॉप्टर. रडार गाइडेड मिसाइलें, दुश्मन को दूर से मार सकता है।
GMV व्हीकल्स: हमवी बेस्ड, स्पेशल फोर्सेस के लिए. तेज गति, हैवी आर्मर, मशीन गन. ऑफ-रोड और सिटी में यूजफुल है।
वैश्विक प्रतिक्रिया और महत्व
यह अभ्यास दिखाता है कि अमेरिका कितनी प्लानिंग से काम करता है। ट्रंप ने इसे ‘अमेरिकी ताकत का डिस्प्ले’ कहा. लेकिन कई देशों ने असली रेड की निंदा की – संप्रभुता का उल्लंघन बताया. वेनेजुएला में तनाव बढ़ा, लेकिन मादुरो के जाने से वहां बदलाव की उम्मीद है।

