जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल का ट्रेनिंग का कैम्प तबाह, लादेन की फंडिंग वाला मरकज ध्वस्त

नई दिल्ली. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानर में एयरस्ट्राइक की है। जिसे सेना ने ऑपरेशन सिन्दूर नाम दिया है। यह कार्यवाही खुफिया एजेंसी रॉ के इनपुट पर की गयी है। सेना ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है। न्यूज एजेंसी एएनआइ्र के अनुसार इनमें जैश-ए-मोहम्मद के 4, लशकर-ए-तैयबा के 3 और हिजबुल मुजाहिद्दीन के 3 आतंकी ठिकाने शामिल है।
लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय तबाह
भारतीय सेना ने बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय रहे मरकज सुब्हान को निशाना बनाया है। बहावलपुर शहर जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ है। इसके साथ ही भारत ने मुरीद के शहर के उमालकुरा मस्जिद को भी निशाना बनाया है। मुरीदके को लश्कर-ए-तैयबा कका अहम केन्द्र माना जाता है।
म्ुरीदके में ही लश्कर का मरकज-ए-तैयबा परिसर है। जहां आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती है। इसके अलावा भारत ने मुजफ्फराबाद में बिलाल मस्जिद और कोटली में अब्बत मस्जिद को निशाना बनाया है।
मरकज सुब्हान अल्लाह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर शहर के बाहरी इलाके में मौजूद है। यहां युवाओं को प्रशिक्षित और ब्रेनवॉश किया जाता है। यह लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।
14 फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की प्लानिंग यही हुई थी। पुलवामा हमले के आतंकियों को इसी कैंप में प्रशिक्षण दिया गया था।
इस मरकज में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर, मौलाना अम्मार और 600 से अधिक सदस्यों का घर है।
पाकिस्तान में लश्कर का सबसे अहम ट्रेनिंग सेंटर
स्थापना- 2000, एरिया- 82 एकड़
ओसामा बिन लादेन ने 1 करोड़ रुपए की फंडिंग की थी। अजमल कसाब समेत 26/11 मुंबई हमले के सभी अपराधियों को यहां ट्रेनिंग मिली थी।
यहां पाकिस्तान ही नहीं दूसरे देशों से आए आतंकियों को भी ट्रेनिंग मिलती है। लश्कर का मास्टरमाइंडर माने जाने वाले आमिर हमजा, अब्दुल रहमान आबिद और जफर इकबाल यहीं रहते हैं।

