जीवन में हर पल साथ चलता है ज्योतिष
ग्वालियर आयोजित ज्योतिषों के देश भर से ज्योतिष की विभिन्न विधा में महारथ हासिल रखने वाले ज्योतिष जुड़े और इन सभी का कहना था कि ज्योतिष जीवन भर पल पल साथ चलता है और फल देता रहता है। इसे ही व्यक्ति कभी बेहद सुख के रूप में महसूस करता है तो कभी दुख के रूप में व्यक्त करता है।
जीवाजी यूनिवर्सिटी के गालव परिसर में आयोजित इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए देश के तमाम हिस्सों से ज्योतिष आये और कई लोगों ने ज्योतिष पर अपने अपने रिसर्च पेपर पढ़े जिसमें ज्योतिष का जीवन पर प्रभाव पर कई तरीकों से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गंगादास की शाला के महंत राम सेवकदास जी ने की। उन्होंने कहा कि ज्योतिष एक व्यापक विधा है। इसे चंद शब्दों या कुछ पन्नों में नहीं समेटा जा सकता। ज्योतिष जीवन के हर पहलू पर असर रखता है। मुख्य अतिथि ने आयोजक डॉक्टर सुनील शर्मा की पुस्तक एडवांस मेडिकल एस्ट्रोलॉजी का विमोचन भी किया।
ज्योतिष की फिंगर प्रिंट विधा पर बारीक अध्ययन करने वाले एडवोकेट प्रफुल्ल कुलकर्णी ने बताया कि इंसान के फिंगर प्रिंट जीवन भर उसके साथ चलते हैं और इसकी मदद से यह भी पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति का भविष्य क्या कैसा रहेगा।
नेपाल से आए वास्तु एक्सपर्ट महेंद्र मूंदड़ा ने वास्तु के जीवन पर असर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वास्तु का समझिए…यदि के रसोईघर को किचिन बोलेंगे तो घर में किच किच होती रहेगी। उन्होंने कहा कि घर का वास्तु ही तय करता है कि घर में कितनी सकारात्मक ऊर्जा रहेगी। मंदिर में प्रवेश करते ही शरीर में सकारात्मक ऊर्जा इसलिए महसूस होने लगती है क्योंकि मंदिर के निर्माण में एक एक सूत वास्तु का ख्याल रखा जाता है। डॉक्टर सुहास डोंगरे ने कुंडली में ग्रहों के असर की विस्तार से जानकारी दी। दिल्ली से आये डॉक्टर दलीप कुमार ने बताया कि जन्म दिनांक से किस तरह जातक के जीवन की जानकारी ली जा सकती है।इनके अलावा श्रीमती सपना ब्रजेश, कीर्ति ग्रोवर एवम अन्य ज्योतिष विद्वजनों ने सभा को संबोधित किया,
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन और श्रीगणेश वंदना के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत संस्था के संस्थापक रमेश वायगावकर अध्यक्ष सुनील शर्मा महासचिव नीरा विश्वकर्मा व संस्था के सदस्यों ने किया इस विशिष्ट आयोजन में मार्स संस्था के सभी सदस्यों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।

