जयारोग्य चिकित्सालय में नर्सिंग कॉलेजों के परीक्षार्थी मोबाइल फोन व एक-दूसरे की कॉपी देखकर प्रश्नों के उत्तर लिखते दिखे
ग्वालियर. मप्र नर्सिंग काउंसिल की जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) प्रथम वर्ष की प्रायोगिक परीक्षा में परीक्षा केंद्र पर खुलेआम नकल देखने को मिली। जयारोग्य चिकित्सालय (जेएएच) के नर्सिंग स्कूल में प्रायोगिक परीक्षा देने पहुंचे निजी नर्सिंग कॉलेजों के 236 परीक्षार्थी मोबाइल फोन और एक-दूसरे की कॉपी देखकर प्रश्नों के उत्तर धड़ल्ले से लिखते देखे गए।
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक हुई प्रैक्टिल परीक्षा में आतंरिक परीक्षक शिवपुरी की सुमन और बाह्य परीक्षक रायसेन की जया मौजूद थीं। इसके बाद भी कमलाराजा अस्पताल की दूसरी व तीसरी मंजिल और जेएएच की पत्थरवाली बिल्डिंग के मेल मेडिकल वार्ड और गैलरी में परीक्षार्थी समूह में धड़ल्ले से नकल करते दिखे। उधर नर्सिंग छात्र संगठन मप्र के उपाध्यक्ष राजकुमार त्यागी ने परीक्षा में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए रजिस्ट्रार को हटाने की मांग की है।
इस संबंध में जेएएच नर्सिंग स्कूल की प्रभारी प्राचार्य रेखा परमार का कहना है कि जेएएच में प्रायोगिक परीक्षा का सेंटर है लेकिन परीक्षा में हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं है। अधीक्षक जेएएच समूह डाॅ. आरकेएस धाकड़ का कहना है कि परीक्षा कराने की जिम्मेदारी जेएएच प्रबंधन की नहीं, नर्सिंग काउंसिल की है। वहीं चिकित्सा शिक्षा विभाग नर्सिंग काउंसिल के ओआईसी डा. योगेश शर्मा का कहना है कि नकल की शिकायतें मिल रही हैं। इस पर नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार कार्रवाई भी कर रहीं हैं।

